गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का प्रचार मंगलवार की शाम को समाप्त हो गया। इस चरण में उत्तरी और मध्य गुजरात के 26 जिलों की जिन 93 सीटों पर 14 दिसंबर को मतदान होना है, उन पर 2012 में कांग्रेस और भाजपा में कड़ी टक्कर हुई थी। पहले चरण की 89 सीटों में जहां कांग्रेस को 22 सीटें मिली थी, वहीं दूसरे चरण की 95 सीटों में से उसे 37 पर जीत हासिल हुई थी। हालांकि इस चरण में भी भाजपा ने 56 सीटें हासिल कर परचम फहराया था।
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उत्तरी गुजरात और मध्य गुजरात में पिछली जाति के नेता अल्पेश ठाकोर पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। ठाकोर सेना के प्रमुख अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और माना जा रहा है कि उनका समुदाय उत्तर गुजरात की 23 और मध्य गुजरात की 10 सीटों के नतीजे को प्रभावित कर सकता है। पिछले चुनाव में उत्तर गुजरात की 23 में से 12 सीटें और मध्य गुजरात की एक सीट भाजपा ने जीती थी।
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हार्दिक और जिग्नेश की भी परीक्षा
अल्पेश के अलावा इस चुनाव में उभरे युवा नेताओं की तिकड़ी के दो अन्य सदस्य हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवाणी का भी इस चरण में इम्तिहान होगा। हालांकि हार्दिक खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं लेकिन जिस पाटीदार समुदाय के लिए वे संघर्षरत हैं उनका वोट निर्णायक साबित हो सकता है। मेहसाणा जिले के अलावा अहमदाबाद की पांच सीटों पर पाटीदार अहम भूमिका निभा सकते हैं। दलित नेता मेवाणी खुद वडगाम सुरक्षित सीट से चुनाव मैदान में है। पिछली बार यह सीट कांग्रेस ने जीती थी।