पूर्वोत्तर राज्य असम और उसके पड़ोसी पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार का शोर शनिवार को थम गया। असम में जहां मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी और भाजपा व असम गण परिषद नेताओं ने ताबड़तोड़ रैलियां कीं।
वहीं, बंगाल में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वाम मोर्चा नेताओं के साथ बर्दवान जिले में कई रैलियों को संबोधित किया। गोगोई ने जोरहाट में एक प्रेस कांफ्रेंस भी की। इस दौर में गोगोई और भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सर्बानंद सोनोवाल की किस्मत का फैसला होना है।
असम में पहले चरण में राज्य की 126 में से 65 सीटों पर वोट पड़ेंगे जबकि बंगाल में जंगलमहल इलाके की 18 सीटों पर। राज्य के माओवादी प्रभावित तीन जिलों की 18 विधानसभा सीटों पर प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों के शीर्ष नेताओं ने जमकर चुनाव प्रचार किया।
पहले चरण के मतदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और माकपा राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्र तक चुनाव प्रचार कर चुके हैं। केंद्रीय गृहमंत्री व भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पुरुलिया में चुनाव प्रचार किया था। इस बीच, चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में मतदान के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की है। आपातकालीन स्थिति में हेलिकॉप्टर से हवाई निगरानी करने की व्यवस्था भी की गई है।