VHP: वीएचपी ने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं का चढ़ावा 'चंदा' नहीं बल्कि दान राशि है और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत करती हैं। संगठन ने राम मंदिर में दान राशि की चोरी के आरोपों को निराधार बताया। पढ़िए रिपोर्ट-
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने शुक्रवार को कहा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए धन को 'चंदा' कहना हिंदुओं की भावनाओं का अपमान है। संगठन ने अयोध्या के राम मंदिर में दान की राशि की चोरी के आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
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यह बयान उस समय आया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि अयोध्या की छवि खराब करने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी जांच के जरिये सच्चाई सामने आएगी। योगी आदित्यनाथ अयोध्या में श्री मणि राम दास छावनी में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की 88वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने क्या कहा?
वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बिना किसी सबूत के दान की राशि में चोरी के 'निराधार और तथ्यहीन' आरोप लगाने वाले लोगों को एसआईटी की ओर से नोटिस भेजा जाना चाहिए।
बंसल ने कहा कि एसआईटी को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश भी करनी चाहिए, क्योंकि वे हिंदू भावनाओं को भड़काने और श्री राम जन्मभूमि की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चंदा शब्द का हिंदू आस्था और परंपराओं में कोई स्थान नहीं है।
बंसल ने यह भी अपील की कि यदि किसी व्यक्ति के पास राम मंदिर में दिए गए दान के कथित दुरुपयोग से जुड़े कोई तथ्य या सबूत हैं, तो वे जांच में सहयोग के लिए तुरंत एसआईटी को उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज ऐसे सभी दुर्भावनापूर्ण और भड़काऊ बयानों पर नजर रख रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
राम मंदिर में दान की राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी जांच चल रही है। इस विवाद का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या को बदनाम करने और श्री राम जन्मभूमि पर सवाल उठाने की कोशिशें की जा रही हैं।
यह जांच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद शुरू हुई। उन्होंने सात जून को कुछ रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया था कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिले करोड़ों रुपये गायब हैं। साथ ही उन्होंने अदालतों से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की थी।