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कलकत्ता हाईकोर्ट ने हर्षवर्धन लोढ़ा को एमपी बिरला ग्रुप के सभी पदों से हटाया

Sat, 19 Sep 2020 05:42 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Calcutta High Court - फोटो : www.calcuttahighcourt.gov.in
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने हर्षवर्धन लोढ़ा  को बड़ा झटका देते हुए एमपी बिड़ला समूह के सभी पदों से तत्काल हटाने का फैसला दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने एमपी बिड़ला एस्टेट के उत्तराधिकार को लेकर लंबित मुकदमे पर फैसला आने तक उनके समूह की किसी भी इकाई में कोई पद संभालने पर रोक लगा दी है।

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जस्टिस एस मुंशी ने लोढ़ा के एमपी बिड़ला की दिवंगत पत्नी प्रियंवदा देवी की संपत्ति से किसी भी तरह का निजी लाभ उठाने पर भी रोक लगा दी है। इस संपत्ति के प्रबंधन के लिए अदालत ने एक समिति नियुक्त की है।


साथ ही अदालत ने लोढ़ा पर समिति के किसी निर्णय या भविष्य में बहुमत से लिए ऐसे किसी फैसले में हस्तक्षेप करने से रोक लगा दी है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रियंवदा देवी की संपत्ति से जुड़ा हो।
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कोर्ट ने कहा कि लोढ़ा बिड़ला कॉर्प की मालिकाना हक वाली प्रियंवदा बिड़ला एस्टेट के खिलाफ लगातार काम कर रहे थे, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से सीमेंट बनाने वाली कंपनी बिड़ला कॉर्पोरेशन और एमपी बिड़ला ग्रुप की कंपनियां में सभी पदों से हटना होगा। गौरतलब है कि लोढ़ा एक दशक से इन दोनों कंपनियों का नियंत्रण अपने पास रखने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।

16 साल से चल रही कानूनी लड़ाई 
बिड़ला परिवार और लोढ़ा 16 वर्ष से प्रियंवदा बिड़ला की वसीयत को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। ऐसे में हाईकोर्ट का यह आदेश बिड़ला परिवार के लिए बड़ी जीत है।

बिड़ला परिवार प्रियंवदा बिड़ला की वसीयत की कानूनी वैधता को चुनौती देते हुए इसे गलत करार देने के लिए संघर्ष कर रहा है। प्रियंवदा ने अपनी वसीयत में 25,000 करोड़ रुपये की मालिकाना हक वाली एमपी बिरला एम्पायर को अपने सीए आरएस लोढ़ा और उनके बेटे हर्षवर्धन को सौंप दी थी।

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