अमित शाह, ममता बनर्जी और हाई कोर्ट
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पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा को लेकर भाजपा को करारा झटका लगा है। कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने रथ यात्रा की अनुमति को रद्द कर दिया है। गुरुवार को एकल बेंच ने भाजपा को तीन रथ यात्रा की इजाजत दी थी। ममता सरकार ने एकल बेंच के फैसले के खिलाफ बड़ी बेंच में याचिका लगाई थी।
मुख्य न्यायाधीश देबाशीष कारगुप्ता और न्यायमूर्ति शम्पा सरकार की खंडपीठ ने मामला वापस एकल पीठ के पास भेजते हुए कहा कि वह इस पर विचार करते वक्त राज्य सरकार की ओर से दी गई खु्फिया जानकारी को ध्यान में रखे। दो जजों की पीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के बाद दिया जिसमें उसने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी।
बड़ी बेंच में की थी ममता सरकार ने अपील
ममता सरकार के फैसले के खिलाफ भाजपा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गुरुवार को फैसला भाजपा के पक्ष में आया था, लेकिन आज बाजी पलट गई। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने फैसला पलटते हुए रथ यात्रा की इजाजत को रद्द कर दिया।
एकल बेंच के फैसले को ममता सरकार के लिए झटका बताया जा रहा था क्योंकि उसने भाजपा की रथ यात्राओं की इजाजत नहीं दी थी। लेकिन शुक्रवार का दिन भाजपा के लिए झटके वाला साबित हुआ। बड़ी बेंच ने फैसला पलटते हुए रथ यात्रा पर रोक बरकरार रखने का फैसला सुनाया।
राज्य सरकार के तीन सबसे वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल ने यात्रा को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। उस आदेश को रद्द करते हुए न्यायमूर्ति तापब्रत चक्रवर्ती की एकल पीठ ने बृहस्पतिवार को भाजपा के रथ यात्रा कार्यक्रम को मंजूरी दे दी थी।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उत्तर बंगाल के कूच बिहार से इस यात्रा को सात दिसंबर को हरी झंडी दिखानी थी।