एसीबी ने भर्ती घोटाले में विधायक के खिलाफ सबूत मिलने के बावजूद उसे हिरासत में नहीं लिया था। जबकि, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसलिए जस्टिस राजशेखर मंथा ने केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को टीएमसी विधायक तापस साहा के केस को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से लेकर सीबीआई को सौंप दिया है। अदालत का कहना है कि सीबीआई मामले की जांच करे, क्योंकि वह पहले से ही उच्च अदालत की एक पीठ के आदेश पर भर्ती घोटाले की जांच कर रही है।
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इसलिए ट्रांसफर किया केस
एसीबी ने भर्ती घोटाले में विधायक के खिलाफ सबूत मिलने के बावजूद उसे हिरासत में नहीं लिया था। जबकि, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसलिए जस्टिस राजशेखर मंथा ने केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया।
विधायक पर यह है आरोप
तेहट्टा विधायक के खिलाफ याचिकाकर्ता ने शिकायत की थी कि विधायक के खाते में तीन आरोपियों ने राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के ग्रुप सी, ग्रुप डी पदों पर नौकरियों दिलाने का वादा करने के एवज में पैसे डलवाए थे। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस और अग्निशमन विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया था। याचिकाकर्ता ने इसलिए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।