नारदा टेप कांड में कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपरिहार्य कारणों से सुनवाई टाल दी है। इस मामले में गिरफ्तार ममता कैबिनेट के मंत्री फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, टीएमसी विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और जस्टिस अरिजित बनर्जी की पीठ इस मामले में सीबीआई के उस आवेदन पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उसने जमानत अर्जी को सीबीआई की विशेष अदालत से हाईकोर्ट स्थानांतरित करने का आग्रह किया था।
हिरासत में बंद इन मंत्रियों के समर्थक और खुद ममता बनर्जी और विधि मंत्री मलय घटक ने जिस तरह से दबाव बनाने के लिए सीबीआई कार्यालय का घेराव किया था ऐसे में ममता और घटक को भी पार्टी बनाया गया है। अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इससे पहले बुधवार को भी इन नेताओं की जमानत याचिका पर करीब ढाई घंटे तक सुनवाई चली लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
सीबीआई ने इन चारों को सोमवार सुबह गिरफ्तार किया था। सीबीआई कोर्ट ने उसी दिन शाम में इन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन देर रात हाईकोर्ट ने जमानत पर रोक लगाते हुए 19 मई तक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया था।