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RG Kar Case: हाईकोर्ट ने डॉक्टरों के संगठन को प्रदर्शन करने की अनुमति दी, भड़काऊ बयान न देने की अपील की

Fri, 20 Dec 2024 05:51 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

अदालत ने निर्देश दिया कि प्रदर्शन के लिए मंच की लंबाई 40 फीट और चौड़ाई 23 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या 250 से अधिक न हो। जस्टिस तीर्थांकर घोष ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई भी भड़काऊ भाषण न दें।
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कलकत्ता हाई कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक संगठन को 20 से 26 दिसंबर तक प्रदर्शन करने की अनुमति दी। अदालत ने डॉक्टरों से भड़काऊ भाषण न देने की अपील की। नौ अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल की एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में राज्य के जूनियर्स डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। अदालत ने संयुक्त फोरम को सेंट्रल कोलकाता के एस्प्लेनेड के डोरिना क्रॉसिंग से 50 फीट दूर प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। दरअसल, डॉक्टरों के संगठन ने डोरिना क्रॉसिंग पर 24 घंटे धरना देने का प्रस्ताव रखा था।
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आदेश पारित करते हुए जस्टिस तीर्थांकर घोष ने कहा कि आयोजक डॉक्टर हैं, इसलिए प्रदर्शन के दौरान अगर इलाके में आने-जाने वाले लोगों को कठिनाई होती है तो वे इसका ध्यान रखेंगे। पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने डोरिना क्रॉसिंग पर प्रदर्शन करने वाले प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि इससे इलाके में ट्रैफिक जाम हो जाएगा। 

अदालत ने निर्देश दिया कि प्रदर्शन के लिए मंच की लंबाई 40 फीट और चौड़ाई 23 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या 250 से अधिक न हो। जस्टिस तीर्थांकर घोष ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई भी भड़काऊ भाषण न दें। इसके साथ अदालत ने पुलिस को 13 जनवरी को एक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। 
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क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना नौ अगस्त की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। आठ अगस्त को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।

कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल को मिली जमानत
पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के पूर्व ओसी अभिजीत मंडल, जिन्हें युवा चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था, को 13 दिसंबर को कोलकाता की एक अदालत ने जमानत दे दी थी, क्योंकि सीबीआई 90 दिनों के बाद भी मामले में कोई पूरक आरोप पत्र दाखिल नहीं कर सकी थी।
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