फर्जी टीकाकरण मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में अधिवक्ता संदीपन दास द्वारा एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें राज्य में वैक्सीन घोटाले की सीबीआई द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।
पश्चिम बंगाल में नकली वैक्सीन मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई कल यानी बुधवार को होगी। बता दें कि इस मामले के खिलाफ अधिवक्ता संदीपन दास द्वारा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी जिसमें राज्य में वैक्सीन घोटाले की सीबीआई द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी और अब कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
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दरअसल, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फर्जी कोरोना वैक्सीनेशन कैंप के मामले में फर्जी आईएएस अधिकारी देबांजन देब को पुलिस ने पकड़ा था और जब पूछताछ हुई तो कई हैरान करने वाले खुलासे भी हुए। आरोपी ने पुलिस को बताया कि कोरोना वैक्सीनेशन कैंप में कोविशील्ड की जगह निमोनिया की वैक्सीन लगाई जा रही थी। देबांजन देब के कई टीएमसी नेताओं से संपर्क की बात कही गई. इसकी जांच भी हो रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी देबांजन देब कोविशील्ड के ग्राफिक्स को प्रिंट करके वैक्सीन पर लगाता था। यह भी पता चला है कि पिछले साल देबांजन ने सैनेटाइजर का कारोबार शुरू किया था। वो सैनेटाइजर भी नकली निकला था। देबांजन चार से पांच बार कैंप लगाकर करीब दो सौ लोगों को नकली वैक्सीन की डोज दे चुका है।