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Calcutta High Court: अभिषेक बनर्जी को चेतावनी- आवाज का नमूना दें, वरना सुरक्षा हटेगी; हाईकोर्ट ने और क्या कहा?

Fri, 10 Jul 2026 02:22 PM IST
ज्योति भास्कर आईएएनएस, कोलकाता।
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कलकत्ता हाई कोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI
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कोलकाता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी को अल्टीमेटम दिया है। अदालत ने उन्हें बिधाननगर कोर्ट में उपस्थित होकर आपराधिक जांच विभाग (CID) के अधिकारियों को अपने आवाज के नमूने देने को कहा। ऐसा न करने पर एकल-न्यायाधीश पीठ नेता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से मिली सुरक्षा वापस ले लेगी। अदालत ने अभिषेक बनर्जी को 15 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बिधाननगर कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया। उन्हें एक न्यायिक मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में पश्चिम बंगाल पुलिस की CID को अपने आवाज के नमूने देने होंगे।

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अदालत का सख्त रुख
शुक्रवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ ने अभिषेक को अल्टीमेटम दिया। अभिषेक पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं। अदालत ने कहा कि यदि वह इस समय-सीमा का पालन नहीं करते और आवाज का नमूना देने के लिए जिला अदालत में पेश नहीं होते, तो कोलकाता उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें इस मामले में गिरफ्तारी सहित पुलिस कार्रवाई से दी गई सुरक्षा वापस ले ली जाएगी।

अभिषेक पर हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक अभियान रैली को संबोधित करते हुए हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री को धमकी देने का आरोप है। अभिषेक पहले भी दो बार जिला अदालत में आवाज के नमूने देने से बचते रहे हैं। पिछली बार वह 8 जुलाई को अदालत में पेश नहीं हुए थे, जबकि CID के अधिकारी दो घंटे तक उनका इंतजार कर रहे थे।
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सुनवाई और निर्देश
अभिषेक की बिधाननगर कोर्ट में आवाज के नमूने देने से छूट मांगने वाली याचिका शुक्रवार सुबह न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की अदालत में सुनवाई के लिए आई। पीठ को 8 जुलाई को बिधाननगर कोर्ट में उनकी अनुपस्थिति के बारे में सूचित किए जाने के बाद, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया और उन्हें अल्टीमेटम दिया।

हाईकोर्ट ने आर्थिक दंड लगाने की चेतावनी में क्या कहा?
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने यह भी चेतावनी दी कि यदि 15 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक बिधाननगर कोर्ट में आवाज के नमूने देने के निर्देश का उल्लंघन किया जाता है, तो आर्थिक दंड लगाया जाएगा। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य के कड़े रुख के बाद, अभिषेक के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उनके मुवक्किल निर्देशों का पालन करेंगे और निर्धारित समय और तारीख पर जिला अदालत में पेश होंगे। अभिषेक के वकील ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल को जिला अदालत में पेशी के दौरान किसी भी शारीरिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। इस पर न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने फैसला सुनाया कि पुलिस उस दिन अभिषेक की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

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