अदालतों के दरवाजे हमेशा खुले: न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा
केंद्रीय जांच एजेंसियों की किसी भी संभावित कार्रवाई के बारे में उनके वकीलों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं पर न्यायाधीश ने कहा कि अदालतों के दरवाजे हमेशा खुले हैं। बनर्जी का नाम गिरफ्तार आरोपी कुंतल घोष द्वारा दायर एक शिकायत में सामने आया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि भर्ती मामले में बनर्जी और अन्य टीएमसी नेताओं का नाम लेने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा उन पर दबाव डाला जा रहा था।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने दिया था सीबीआई को निर्देश
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों की भर्तियों में कथित अनियमितताओं से जुड़ी सौमेन नंदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने 13 अप्रैल को कहा था कि आरोपी कुंतल घोष के साथ ही अभिषेक बनर्जी से भी केंद्रीय एजेंसियां जल्द ही पूछताछ कर सकती हैं। उन्होंने निर्देश दिया था कि बनर्जी के सार्वजनिक भाषण सहित सभी पहलुओं को सीबीआई की जांच के बाहर नहीं होना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा भी जांच की जानी चाहिए। टीएमसी सांसद बनर्जी ने 29 मार्च को कोलकाता में एक जनसभा को संबोधित किया था।
बनर्जी ने दिया न्यायाधीश के टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू का हवाला
बनर्जी ने आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था और उनके वकीलों ने न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय द्वारा एक समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार का हवाला दिया था, जिसमें उन पर तृणमूल नेता के खिलाफ बोलने का आरोप लगाया गया था। 28 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने जस्टिस गंगोपाध्याय की अदालत से दो मामलों- 'सौमेन नंदी बनाम पश्चिम बंगाल राज्य' और 'रमेश मलिक बनाम पश्चिम बंगाल राज्य' को जस्टिस सिन्हा की अदालत को सौंप दिया। बनर्जी ने न्यायमूर्ति सिन्हा की अदालत का रुख कर सौमेन नंदी मामले में एक पक्ष के रूप में शामिल होने और उनसे संबंधित आदेश को वापस लेने की मांग की।