कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने नवरात्रि से दीपावली तक देश में ₹7 लाख करोड़ से अधिक के कारोबार का अनुमान लगाया है। 'वोकल फॉर लोकल', 'मेड इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का विजन, त्योहारी बाजार की नई ताकत बना है। त्योहारी अर्थव्यवस्था में बाजार को नया विस्तार मिलेगा। देश में व्यापार के साथ सेवा क्षेत्र और लाखों आयोजनों से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा, पिछले वर्ष के रिकॉर्ड कारोबार की तुलना में इस बार का बाजार लगभग 15–18 प्रतिशत ज्यादा रहेगा।
नवरात्रि तथा दुर्गा पूजा के बाद, दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पूजा, गुरु नानक जयंती एवं तुलसी विवाह त्यौहार बड़े रूप में देश भर में मनाए जाते हैं। कैट ने यह प्रारंभिक अनुमान, देशभर के विभिन्न राज्यों के प्रमुख व्यापारिक संगठनों एवं बाजारों से प्राप्त फीडबैक, उपभोक्ता मांग, त्योहारी खरीदारी के रुझान, ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बाजारों की सक्रियता, स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग तथा विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली व्यापक आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है।
पिछले वर्ष दीपावली के अवसर पर देश में लगभग ₹6.05 लाख करोड़ का रिकॉर्ड व्यापार हुआ था, जिसमें लगभग ₹5.40 लाख करोड़ का वस्तु व्यापार तथा ₹65,000 करोड़ का सेवा क्षेत्र शामिल था। इस वर्ष त्योहारी गतिविधियों के और व्यापक होने को देखते हुए कारोबार के ₹7 लाख करोड़ से ऊपर जाने की संभावना है। कैट के आकलन के अनुसार नवरात्रि से दीपावली तक अनुमानित त्योहारी कारोबार में प्रमुख क्षेत्रों की बड़ी हिस्सेदारी रहेगी।
इसमें किराना एवं एफएमसीजी 12%, सोना व चांदी एवं आभूषण 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स 8%, कंज्यूमर ड्यूरेबल वस्तुएं 7%, रेडीमेड गारमेंट्स 7%, गिफ्ट आइटम्स 7%, होम डेकोर 5%, फर्नीचर एवं फर्निशिंग 5%, मिठाई एवं नमकीन 5%, टेक्सटाइल एवं फैब्रिक्स 4%, पूजा सामग्री 3%,फल एवं ड्राई फ्रूट्स 3%, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी 3%, फुटवियर 2%, अन्य वस्तुएं एवं संबंधित कारोबार 19% हो सकता है।
खंडेलवाल ने कहा कि इस वर्ष त्योहारी अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
नवरात्रि से दीपावली के दौरान परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, होटल, रेस्तरां, पर्यटन, कैटरिंग, टेंट एवं डेकोरेशन, लाइटिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कैब एवं स्थानीय परिवहन सहित अनेक सेवाओं में भारी मांग रहने की संभावना है। पिछले वर्ष सेवा क्षेत्र में लगभग ₹65,000 करोड़ के कारोबार के मुकाबले इस वर्ष सेवा क्षेत्र में 20–25 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रारंभिक अनुमान है। इसके आधार पर त्योहारी अवधि में सेवा क्षेत्र का कारोबार लगभग ₹80,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी त्योहारों के सीजन में अनेक पर्वों के दौरान देशभर में बड़ी संख्या में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यावसायिक आयोजन भी होंगे। इनमें मार्केट उत्सव, रामलीला, दुर्गा पूजा पंडाल, गरबा एवं डांडिया, दिवाली मिलन एवं मेले, प्रदर्शनी, स्थानीय बाजार कार्यक्रम, सोसायटी एवं सामुदायिक समारोह, कॉर्पोरेट कार्यक्रम तथा पारिवारिक आयोजन भी बड़ी संख्या में होंगे। इन आयोजनों का सीधा लाभ सजावट, लाइटिंग, फूल, वस्त्र, मिठाई, भोजन, कैटरिंग, परिवहन, होटल, पर्यटन, फोटोग्राफी, इवेंट मैनेजमेंट, सुरक्षा, पैकेजिंग और डिलीवरी जैसे अनेक क्षेत्रों को मिलेगा। इस प्रकार त्योहारी सीजन का प्रभाव केवल दुकानों और बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे माल एवं सेवा इकोसिस्टम में बड़ी मांग पैदा करेगा। लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
त्योहारी व्यापार में यह वृद्धि केवल उपभोक्ता मांग का परिणाम नहीं है, बल्कि यह पीएम मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को देश के बाजारों और उपभोक्ताओं द्वारा मिल रही व्यापक स्वीकार्यता को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय उपभोक्ता स्थानीय कारीगरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स, हस्तशिल्प, भारतीय ब्रांडों और देश में निर्मित उत्पादों को तेजी से प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय उत्पादकों को सीधे बाजार मिलता है तथा त्योहारी मांग का लाभ देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचता है।
खंडेलवाल ने कहा कि इस त्योहारी सीजन में 'स्थानीय से राष्ट्रीय और राष्ट्रीय से वैश्विक' की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता है। भारतीय उत्पादों की खरीद से व्यापारी, कारीगर, एमएसएमई, महिला उद्यमी, स्टार्टअप और स्थानीय सेवा प्रदाता सभी लाभान्वित होंगे। इस दीपावली का संदेश स्पष्ट है—लोकल खरीदें, भारतीय खरीदें, स्थानीय व्यापार को मजबूत करें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। कैट के पदाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया है कि नवरात्रि से दीपावली 2026 का त्योहारी सीजन देश के व्यापार, सेवा क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगा।