फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैग की रिपोर्ट में खुलासा: विदेश व्यापार योजनाओं में गड़बड़ी, सरकार के खजाने पर 725 करोड़ रुपये की चोट

सार

कैग की रिपोर्ट में विदेश व्यापार योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जिसके तहत सरकार के खजाने पर 725 करोड़ रुपये की चोट हुई है। खबर के अनुसार योजनाएं बंद फिर भी लाइसेंस दिए गए।
विज्ञापन
कैग - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने विदेश व्यापार नीति 2015-20 के तहत मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआईएस) और सर्विसेज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (एसईआईएस) में अनियमित रूप से लाभ दिए जाने को लेकर वाणिज्य मंत्रालय और सीमा शुल्क विभाग को आड़े हाथों लिया है। कैग के मुताबिक इन अनियमितताओं से सरकार के राजस्व पर करीब 725 करोड़ रुपये का असर पड़ा है।
विज्ञापन


मार्च 2023 तक की अवधि के लिए जारी कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि योजनाएं बंद होने के बाद भी इनके तहत बड़ी संख्या में लाइसेंस जारी किए गए और ड्यूटी क्रेडिट के रूप में प्रोत्साहन दिया गया। ऑडिट में कुल 724.96 करोड़ रुपये की राजस्व हानि सामने आई।

रिपोर्ट के अनुसार एमईआईएस के तहत अयोग्य उत्पादों को लाभ देना, गलत वर्गीकरण, गलत प्रोत्साहन दर अपनाना और निर्यात आय की वसूली न होने जैसे कारणों से 132.21 करोड़ रुपये की अनियमितता पाई गई। वहीं एसईआईएस में अयोग्य सेवाओं, गलत विदेशी मुद्रा गणना, करों को शामिल न करने और गलत विनिमय दर के चलते 406.90 करोड़ का अनुचित लाभ दिया गया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: G RAM G Bill 2025: जी राम जी बिल के विरोध में आधी रात को धरने पर बैठा विपक्ष, संविधान सदन के बाहर डाला डेरा
विज्ञापन


लाइसेंस प्रक्रिया के पूर्ण ऑटोमेशन पर जोर
इसके अलावा ‘डिनायड एंटिटी लिस्ट’ (अस्वीकृत इकाई सूची) में शामिल फर्मों को स्क्रिप जारी करने और पहचान संबंधी गड़बड़ियों से 185.85 करोड़ रुपये का असर पड़ा। कैग ने सिफारिश की कि पूरी लाइसेंस प्रक्रिया का ऑटोमेशन किया जाए और जहां गलत तरीके से ड्यूटी क्रेडिट दिया गया है, वहां वसूली की कार्रवाई हो।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें