केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि एमएसएमई मंत्रालय अपने प्रौद्योगिकी केंद्रों को बढ़िया ट्रैक रिकॉर्ड वाले आईआईटी, पॉलीटेकनिक कॉलेजों और उद्योग संघों को लीज पर देगा। यह योजना शोध और नई खोज को बढ़ावा देने के लिए बनाई जा रही है।
उन्होंने यह भी माना कि ‘इंडिया’ और ‘भारत’ के बीच देश में अब भी बहुत बड़ा अंतर है। लेकिन साथ ही कहा कि हम सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के अपने सिद्धांत के साथ निश्चित तौर पर चुनौतियों से पार पा सकते हैं।
इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईआईटी और उद्योग संघों को सौंपा जाएगा
एमएसएमई वित्तीय सप्ताह के मौके पर बोल रहे केंद्रीय एमएसएमई मंत्री ने कहा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इस समय अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करते हुए रोजगार सृजित करने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा- इंडिया और भारत के बीच की दूरी अब भी बहुत ज्यादा
गडकरी ने कहा, आज हम देश में 8 लाख करोड़ रुपये का क्रूड ऑयल आयात कर रहे हैं। इसके बजाय हम घरेलू संसाधनों का दोहन करके दो लाख करोड़ रुपये की एथेनॉल आधारित अर्थव्यवस्था तैयार कर सकते हैं।
यह देखते हुए कि प्रौद्योगिकी केंद्रों में अब तक 6 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है एमएसएमई मंत्री ने कहा, अब हम इन प्रौद्योगिकी केंद्रों को अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईआईटी, पॉलीटेकिभनक कॉलेजों और उद्योग संघों को लीज पर देने की योजना बना रहे हैं।