केंद्र सरकार ने ओडिशा के पारादीप बंदरगाह को विश्वस्तरीय बनाने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पारादीप बंदरगाह पर पश्चिमी गोदी (डॉक) का निर्माण करने का फैसला किया गया।
बैठक के बाद बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि गोदी का निर्माण होने के बाद पारादीप बंदरगाह की गिनती विश्वस्तरीय और आधुनिक बंदरगाह में होगी। बंदरगाह की मौजूदा कार्गो क्षमता 115 एमटी है, जिसे 2030 तक 400 एमटी तक बढ़ाने का लक्ष्य है। गोदी के निर्माण के बाद यहां 1.5 टन कार्गो वाले जहाज भी आसानी से आ सकेंगे।
पारादीप ओडिशा के 12 प्रमुख बंदरगाहों में से एक है, जिसका नियंत्रण केंद्र सरकार के पास है। मंडाविया ने कहा, परियोजना के पूरा होने के बाद बड़े जहाज भी यहां आसानी से संभाला जा सकता है, जिनके लिए 18 मीटर ड्राफ्ट की आवश्यकता होती है। इन जहाजों को यहां डॉक करने से लॉजिस्टिक की लागत भी कम होगी। मौजूदा वैश्विक प्रतिस्पर्धी माहौल में ईएक्सआईएम कारोबार को बढ़ावा देने समय की मांग है और इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
एस्टोनिया, परागुवे व डोमिनिक गणराज्य में दूतावास खोलने को मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को एस्टोनिया, परागुवे और डोमिनिक गणराज्य में भारतीय दूतावास खोलने की मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इस कदम से इन देशों के साथ व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों के संवर्धन में मदद मिलेगी। कैबिनेट बैठक के बाद जावड़ेकर ने मीडिया कर्मियों से कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा सभी देशों से अच्छे रिश्ते कायम करने की वकालत की है।
अंतरिक्ष में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और भूटान
कैबिनेट ने भारत और भूटान के बीच बाह्य अंतरिक्ष में सहयोग के सहमति पत्र (एमओयू) को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने बताया कि एमओयू से सैटेलाइट कम्युनिकेशन, सैटेलाइट नेवीगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान और ग्रहों की खोज, अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष प्रणालियों तथा भू प्रणाली का इस्तेमाल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे संभावित हित वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना संभव होगा।