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Cabinet: 12 हजार करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी, बिहार समेत पांच राज्यों को लाभ; पीएम बोले- आत्मनिर्भरता पर जोर

Wed, 27 Aug 2025 10:43 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सरकार ने बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात और असम में 12,328 करोड़ रुपये की चार रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनमें देशलपार-हाजीपीर-लूना तथा वायोर और लखपत को जोड़ने वाली नई रेल लाइन का निर्माण, सिकंदराबाद (सनथनगर)-वाडी के बीच तीसरी और चौथी लाइन, भागलपुर से जमालपुर तक तीसरी लाइन और फुरकाटिंग-न्यू तिनसुकिया लाइन का दोहरीकरण शामिल है।
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पीएम मोदी - फोटो : एक्स/बीजेपीफॉरइंडिया
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विस्तार
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केंद्रीय कैबिनेट ने बिहार समेत पांच राज्यों को 12 हजार करोड़ रुपये की चार रेलवे परियोजनाओं का तोहफा दिया है। इन राज्यों में नई रेलवे लाइन बिछाने के साथ ही ट्रैक दोहरीकरण का काम कराया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने इस पर 7,332 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय को स्वीकृति दी। पीएम मोदी ने इन फैसलों को सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, उनकी सरकार स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 
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सरकार ने बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात और असम में 12,328 करोड़ रुपये की लागत वाली चार रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनमें देशलपार-हाजीपीर-लूना तथा वायोर और लखपत को जोड़ने वाली नई रेल लाइन का निर्माण, सिकंदराबाद (सनथनगर)-वाडी के बीच तीसरी और चौथी लाइन, भागलपुर से जमालपुर तक तीसरी लाइन और फुरकाटिंग-न्यू तिनसुकिया लाइन का दोहरीकरण शामिल है।

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इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों और वस्तुओं दोनों का निर्बाध और त्वरित परिवहन सुनिश्चित करना है। ये पहल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और यात्रा सुविधा में सुधार के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेंगी। साथ ही तेल आयात पर निर्भरता कम करेंगी। इसके अलावा इन परियोजनाओं से कार्बनडाइ ऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। इससे स्थायी और कुशल रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा। ये परियोजनाएं अपने निर्माण के दौरान लगभग 251 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित करेंगी।

प्रस्तावित नई रेल लाइन कच्छ क्षेत्र के सुदूर क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह गुजरात के विद्मान रेलवे नेटवर्क में 145 रूट किमी और 164 ट्रैक किमी जोड़ेगी। इसकी अनुमानित लागत 2526 करोड़ रुपये है। परियोजना की पूर्ण होने की समय-सीमा 3 वर्ष है। गुजरात राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के अतिरक्त, यह नई रेल लाइन नमक, सीमेंट, कोयला, क्लिंकर और बेंटोनाइट के परिवहन में भी मदद करेगी। 

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इस परियोजना का रणनीतिक महत्व यह है कि यह कच्छ के रण को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। हड़प्पा स्थल धोलावीरा, कोटेश्वर मंदिर, नारायण सरोवर और लखपत किला भी रेल नेटवर्क के अंतर्गत आएंगे क्योंकि 13 नए रेलवे स्टेशन जोड़े जाएंगे जिससे 866 गांवों और लगभग 16 लाख आबादी को लाभ होगा।

कैबिनेट का फैसला अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर सरकार के फोकस को दिखाता है: पीएम मोदी
सरकार के आज के फैसलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कनेक्टिविटी और अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, उनके मंत्रिमंडल ने कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम को लाभान्वित करने वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पीएम मोदी ने कहा, आज के कैबिनेट के फैसले से साफ होता है कि कनेक्टिविटी और अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर हमारी सरकार का पूरा ध्यान है। बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने 12,328 करोड़ रुपये की लागत वाली चार रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना का पुनर्गठन कर इसे 31 मार्च, 2030 तक विस्तारित करने को भी मंजूरी दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय उनके जीवन को बदलने में मदद करेगा।

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