समलैंगिकों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से सुदृढ़ता देने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने ट्रांसजेंडर संरक्षण विधेयक को पास कर दिया है। जिसके तहत अब ट्रांसजेंडर का शोषण करने का दोषी पाए जाने पर कठोर दंड का प्रावधान है, इसमें दो साल तक की कैद भी हो सकती है। साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।
इस बिल के पास होने के बाद समाज में हेय दृष्टि से देखे जाने वाले समलैंगिकों को कई विशेष अधिकार हासिल हो जाएंगे। इस बिल के जरिए उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीने और मुख्य धारा में लाने में सहयोग मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ट्रांसजेंडर बिल 2016 को पास किया। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक इस बिल को पास करके सरकार ने समलैंगिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से मजबूत होने का रास्ता दिया है। बता दें कि समलैंगिकों के साथ भारत के कई हिस्सों में शोषण किया जाता है। उन्हें कई जगहों पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। दरअसल समलैंगिकों को न तो पुरुष माना जाता है और न ही स्त्री। उनकी श्रेणी साफ नहीं होने के चलते उनके साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जाता है। ऐसे में इस बिल से उन्हें सामाजिक मजबूती मिलने की संभावना है।