जाफराबाद में पिस्तौल लहराता एक प्रदर्शनकारी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के बीच देश की राजधानी दिल्ली बीते 24 से भी ज्यादा घंटों से जल रही है। रविवार सुबह नागरिकता संशोधित कानून सीएए के समर्थन और विरोध में दो गुट आमने-सामने हो गए। जमकर पत्थरबाजी हुई और पुलिस को आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े। अगले दिन सोमवार को स्थिति बेहतर होने के बजाय और बदतर हो गई और दिल्ली के दूसरे इलाके भी जल उठे।
देश का दिल कही जाने वाली दिल्ली हिंसा की आग में आखिर कैसे जल उठी, जानें पल-पल का पूरा हाल...
22 फरवरी की रात :
- जाफराबाद और चांद बाग रोड़ पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन शुरू
- शनिवार देर रात 200 से 300 महिलाओं ने आकर मेट्रो के नीचे प्रदर्शन करना शुरू कर दिया
23 फरवरी :
- सुबह 9 बजे : सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने सुबह नौ बजे मंच लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं होने दिया।
- सुबह 9.16 बजे : भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने वीडियो साझा करते हुए कहा, 'चुप रहिए जब तक आपके दरवाजे पर न पहुंच जाएं...।'
- दोपहर 1.22 बजे : भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने मौजपुर चौक पर सीएए के समर्थन में रैली का आहृवान किया।
- दोपहर 2.07 बजे : भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, 'ये हैं भजनपुरा चांद बाग रोड - अभी अभी ये सड़क भी बंद कर दी हैं मुस्लिम भीड़ ने...।'
- दोपहर 3.23 बजे : कपिल मिश्रा ने फिर ट्वीट किया, 'दिल्ली को दूसरा शाहीन बाग नहीं बनने देंगे।' इसके थोड़ी देर बाद वह मौजपुर पहुंच गए।
- शाम करीब पांच बजे : मौजपुर इलाके में दो गुटों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस को आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा
- शाम 5.11 बजे : कपिल मिश्रा ने दिल्ली पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया।
- शाम 6.15 बजे : संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बयान देकर कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
24 फरवरी