नागरिकता कानून का विरोध करते लोग
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नागरिकता कानून को लेकर कर्नाटक के मंगलूरू में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने घोषणा की थी कि वे पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देंगे, लेकिन उन्होंने अपना यह फैसला वापस ले लिया। इसे देखते हुए विभिन्न संगठनों और लोगों ने मारे गए व्यक्तियों और घायलों के परिवारों के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि का योगदान किया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह रकम तब जमा होना शुरू हुई जब हिंसा के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पीड़ित लोगों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के घोषणा की लेकिन कुछ दिन बाद ही अपने फैसले को वापस ले लिया।
पूर्व विधायक मोहियुद्दीन बावा उन लोगों में से एक है जो इस रकम को जमा करने में शामिल है। हालांकि जब पूर्व विधायक से यह पूछा गया कि कितनी धनराशि जमा हो चुकी है? लेकिन उन्होंने इस बात की जानकारी देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि अगर इस बात का खुलासा हो जाएगा की कितनी राशि जमा हो चुकी है तो हो सकता है कि लोग योगदान करना बंद कर देंगे। हम पीड़ित परिवारों के लोगों की मदद करना चाहते हैं। हिंसा के बाद से ही वे आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवारों के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक धनराशि जमा की गई है। पैसों का योगदान करने वाले लोगों ने निर्णय किया है कि 25-25 लाख रुपये मारे गए लोगों के परिवारों को दिया जाएगा। बाकि बची हुई राशि को घायल प्रदर्शनकारियों में बांट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि ये राशि उन्हें कब सौंपी जाएगी।