केरल के प्रधान सचिव टोम जोस ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से सोमवार को मुलाकात की। जोस और खान के बीच बैठक ऐसे समय पर हुई है जब केरल के राज्यपाल ने उन्हें सूचित किए बिना संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाने के लिए माकपा के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार से रविवार को रिपोर्ट मांगी थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि यह बैठक 20 मिनट तक चली। बैठक के बाद जोस ने बाहर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से बात नहीं की। सूत्रों ने बताया कि ऐसा समझा जा रहा है कि प्रधान सचिव ने राज्यपाल को सूचित किया कि सरकार ने किसी नियम का जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया है। खान ने कहा था कि इसे 'निजी लड़ाई' के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
खान ने कहा था, 'यह निजी लड़ाई नहीं है। मेरी एकमात्र चिंता है कि संविधान और कानून कायम रहे और सरकार के कामकाज कानून के अनुरूप किए जाएं।' एलडीएफ सरकार ने इस कानून के खिलाफ 13 जनवरी को शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था और अनुरोध किया था कि यह घोषित किया जाए कि यह संविधान के अनुरूप नहीं है।
इससे नाराज खान ने गुरुवार को कहा था कि यह 'अनुचित' था और प्रोटोकॉल एवं शिष्टाचार कहता है कि न्यायालय जाने से पहले सरकार को उन्हें सूचित करना चाहिए था। उन्होंने रविवार को कहा था कि वह 'मूक दर्शक’ बनकर नहीं रहेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि देश का कानून लागू किया जाए।