नागरिकता कानून का विरोध करते लोग
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मंगलूरू में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन में हुई हिंसा के बाद लागू निषेधाज्ञा (धारा 144) में सुबह छह बजे से दो घंटे की ढील दी गई ताकि लोग जरूरी सामान खरीद सकें। शहर के पुलिस आयुक्त पीएस हर्ष ने बताया कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गुरुवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद एहतियातन तौर पर आयुक्तालय की सीमा में रविवार की रात तक कर्फ्यू जारी रहेगा।
दुकानदारों के पास शनिवार को थोड़ा ही सामान बचा था जो दो घंटे के भीतर बिक गया। कई लोगों ने शिकायत भी की कि उन्हें कर्फ्यू में ढील की जानकारी नहीं थी क्योंकि केवल स्थानीय टीवी चैनलों पर इसकी घोषणा की गई थी। राज्य में निलंबित इंटरनेट सेवाओं के शनिवार रात बहाल होने की उम्मीद है। सिटी बसें, ऑटो-रिक्शा सड़कों पर नजर आएं।
जिला प्रभारी मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने कहा कि स्थिति सामान्य है और मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दी गई है। इस बीच, मंगलूरू दक्षिण पुलिस ने राज्य के पूर्व मंत्री और मंगलूरू विधायक यूटी खादर के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और हिंसा भड़काने का मामला दर्ज किया है।
भाजपा के युवा मोर्चा के सचिव संदेश कुमार शेट्टी द्वारा शुक्रवार को दर्ज कराई शिकायत के आधार पर खादर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, 153ए और 153 के तहत मामला दर्ज किया गया। शेट्टी ने अपनी शिकायत में कहा था कि 17 दिसंबर को दक्षिण कन्नड़ उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन रैली को संबोधित करते हुए खादर ने कहा था, 'राज्य में सीएए लागू हुआ तो कर्नाटक में आग लग जाएगी।'