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CP. Radhakrishnan: उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की दो-दिवसीय यात्रा; तमिल परिवारों के लिए 50,000 घरों का उपहार

Mon, 20 Apr 2026 01:34 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने श्रीलंका दौरे में भारतीय मूल तमिलों से मुलाकात कर 50,000 घरों, छात्रवृत्ति बढ़ोतरी और ओसीसी विस्तार की घोषणा की। उन्होंने नेताओं से द्विपक्षीय सहयोग, शिक्षा, तेल पाइपलाइन और राहत कार्यों पर चर्चा की।

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सी.पी. राधाकृष्णन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपनी दो दिवसीय श्रीलंका यात्रा के दौरान आज नुवारा एलिया के केंद्रीय चाय बागान जिले में भारत की सहायता से निर्मित घरों के भारतीय मूल के तमिल लाभार्थियों से मुलाकात की। यह किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली यात्रा है। उन्होंने इस दौरान भारत सरकार और लोगों की श्रीलंका में तमिल समुदाय के कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दोहराई। राधाकृष्णन ने इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

तमिल परिवारों के लिए 50,000 घर उपलब्ध कराए

उपराष्ट्रपति ने बताया कि भारत सरकार ने अब तक श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी प्रांतों के साथ-साथ बागान क्षेत्रों में भारतीय मूल के तमिल परिवारों के लिए 50,000 घर उपलब्ध कराए हैं। भारतीय आवास परियोजना के चौथे चरण के तहत 10,000 और घर दिए जाएंगे। इस परियोजना की कुल प्रतिबद्धता लगभग 1,835 करोड़ रुपये है और यह श्रीलंका में भारत की सबसे बड़ी अनुदान सहायता परियोजना है।

प्रवासी नागरिक कार्ड को बढ़ाने की घोषणा

उन्होंने भारतीय मूल के तमिलों के साथ बातचीत के दौरान प्रवासी नागरिक कार्ड (ओसीसी) को पांचवीं और छठी पीढ़ी के प्रवासियों तक बढ़ाने की घोषणा की, जो पहले केवल चौथी पीढ़ी तक सीमित था। इसके अतिरिक्त, सीलोन एस्टेट वर्कर्स एजुकेशन ट्रस्ट छात्रवृत्ति योजना में भी वृद्धि की गई है, जिसके तहत छात्रवृत्तियों की संख्या 350 से दोगुनी कर 700 की जा रही है। मासिक वजीफा भी ए-लेवल के छात्रों के लिए 2,500 एलकेआर और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वालों के लिए 7,500 एलकेआर तक बढ़ाया जा रहा है।

आवास परियोजना का तीसरा चरण

भारतीय आवास परियोजना के तीसरे चरण के तहत 4,000 घरों में से 3,855 इकाइयां पहले ही सौंपी जा चुकी थीं। इस यात्रा के दौरान शेष 145 इकाइयां पूरी कर सौंप दी गईं, जो परियोजना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह चरण श्रीलंका के मध्य, ऊवा और दक्षिणी प्रांतों के बागान क्षेत्रों में एस्टेट श्रमिकों के लिए घरों का निर्माण करता है। यह परियोजना भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है। चौथे चरण में 10,000 घरों पर काम जारी है।

द्विपक्षीय सहयोग पर बैठकें

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने रविवार को प्रधानमंत्री हरिनी अमारासुरिया से मुलाकात की और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान सीलोन एस्टेट वर्कर्स एजुकेशन ट्रस्ट छात्रवृत्ति योजना में वृद्धि की घोषणा की गई थी। उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानाके के साथ भारत और द्वीप राष्ट्र के बीच प्रस्तावित तेल पाइपलाइन लिंक पर भी बात की। दोनों नेताओं ने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। 

चक्रवात राहत और भविष्य की योजनाएं

राधाकृष्णन ने चक्रवात डिटवा से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत भारत द्वारा शुरू किए गए त्वरित राहत और बचाव कार्यों पर भी चर्चा की। उपराष्ट्रपति ने नुवारा एलिया में लिडल्सडेल एस्टेट, रागाला का भी दौरा किया, जिसे श्रीलंका की चाय राजधानी भी कहा जाता है। बाद में, उपराष्ट्रपति सीता अम्मन मंदिर का दौरा करेंगे। वहां से वह अपनी यात्रा समाप्त कर कोलंबो लौटेंगे।

 

 

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