गुजरात और हिमाचल चुनावों के बाद भी भाजपा का विजयी अभियान जारी है। देश के चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा का पलड़ा भारी रहा, जिसने यूपी से लेकर अरुणाचल तक आधी सीटों पर जीत दर्ज की।
यह भी पढ़ेंः बीजेपी ने तीन सीटों पर लहराया परचम, पश्चिम बंगाल में TMC का कब्जा
रविवार को आए परिणामों में भाजपा ने कानपुर देहात की सिकंदरा सीट पर शानदार जीत दर्ज की तो पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में भाजपा का परचम लहराया। राज्य की दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को ही जीत मिली।
वहीं पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी का पलड़ा एक बार फिर भारी रहा तो दक्षिण के राज्य तमिलनाडु की प्रतिष्ठित आरके नगर सीट सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के लिए बुरी खबर लेकर आई। आइए डालते हैं चारों राज्यों में हुए उप चुनावों की पांच बड़ी बातों पर एक नजर।
उप चुनाव में भी छाई मोदी-शाह की जोड़ी
-यूपी के कानपुर देहात की सिकंदरा सीट पर हुए उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अजीत पाल ने समाजवादी पार्टी की सीमा सचान को 14 हजार वोटों से मात दी है। इसे अलावा अरुणाचल प्रदेश की दो सीटों पर हुए उप चुनाव में भी भाजपा जीती। जिसमें लीकाबली सीट पर भाजपा उम्मीदवार कार्दो निगोइर ने 2,908 वोटों से जीत हासिल की तो पाक्के-केसांग सीट पर भााजपा प्रत्याशी बीआर व्हागे ने 475 वोटों के नजदीकी अंतर से चुनाव जीता।
- पश्चिम बंगाल की मेदिनीपुर जिले की सबंग विधानसभा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार गीता रानी भुइयां ने माकपा उम्मीदवार रीता मंडल को 64 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से मात दी। भाजपा यहां तीसरे नंबर पर रही।
यह भी पढ़ेंः चेन्नई की RK नगर सीट पर दिनाकरन की बड़ी जीत, कहा- अम्मा की दुआएं मेरे साथ
-इस सीट की खास बात ये है कि पिछले चुनाव में यहां से कांग्रेस के मानस भुईयां जीते थे, जो बाद में इस्तीफा देकर टीएमसी में शामिल हो गए। टीमएसी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया और उनकी जगह रानी भुईयां को उम्मीदवार बना दिया। रानी भुईयां
-ये उपचुनाव हिमाचल-गुजरात के बाद कांग्रेस के लिए दूसरा झटका है, क्योंकि छह में से तीन सीटें पहले उसी के कब्जे में थी। पश्चिम बंगाल की सबंग और अरुणाचल प्रदेश की दोनों सीटों पर पूर्व में कांग्रेस उम्मीदवार ही जीते थे।
-वहीं तमिलनाडु की प्रतिष्ठित आरके नगर सीट पर सत्तारूढ़ AIADMK को बड़ा झटका लगा है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की पारंपरिक सीट पर बड़े अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा है। नाक की लड़ाई बन चुकी इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार और जेल में बंद शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण ने AIADMK के ई मधुसूदन को 40,707 वोटों से मात दी। दिनाकरन को 89,013 वोट जबकि मधुसूदन को 48,306 और विपक्षी डीएमके के उम्मीदवार मुरुधु गणेश को 24651 वोट मिले हैं।