लोकसभा की 4 और विधानसभा की 10 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा को विपक्ष ही नहीं राजग के सहयोगी दलों का भी हमला झेलना पड़ा।
जदयू ने जहां हार के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सहयोगी दलों से संवाद नही करने का आरोप लगाया। वहीं शिवसेना के प्रमुख उद्घव ने कहा कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से ही भाजपा सहयोगी दलों की परवाह नहीं कर रही।
जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि तेल की बढ़ी कीमतों से लोग बहुत परेशान हैं। राजग में सहयोगी दल अलग-थलग महसूस करते हैं। टीडीपी पहले ही राजग से बाहर जा चुकी है।
शिवसेना भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। अकाली दल और पीडीपी भी खुश नहीं है। आईएनएलडी पहले ही बाहर है। ऐसे में अगला चुनाव जीतने के लिए राजग को दुरस्त करने की जरूरत है। जाहिर तौर पर इसके लिए भाजपा को सहयोगी दलों से संवाद करना होगा।
वहीं ठाकरे ने कहा कि भाजपा को दोस्तों की जरूरत नहीं है। उपचुनाव से साफ हुआ है कि भाजपा का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पालघर में भाजपा जैसे-तैसे चुनाव जीती मगर गोंदिया भंडारा सीट उसे गंवानी पड़ गई। उन्होंने कहा कि भाजपा में केंद्र की सत्ता मिलने के बाद घमंड आ गया है।