कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी कार्रवाई से यह स्पष्ट कर दिया है कि उसने लोकतंत्र को कमजोर करने क लिए इस्राइल के स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, "हर कोई जानता है कि इस हथियार का इस्तेमाल किया गया था और इसने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया। यह ङथियार कानून और संविधान के खिलाफ है। वे (सरकार) जवाब कैसे दे सकते हैं। कभी-कभी जवाब न देना भी एक जवाब होता है। सरकार ने इससे (जवाब न देकर) स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने लोकतंत्र के खिलाफ पेगासस का इस्तेमाल किया।"
'विपक्षी नेताओं के खिलाफ स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया'
एआईसीसी के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वल्लभ ने कहा, "चुप रहकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसने राहुल गांधी, अन्य विपक्षी नेताओं, वैज्ञानिकों, चुनाव आयुक्त, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार, नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया।"
पेगासस का इस्तेमाल किस कानून के तहत किया : वल्लभ
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इसका जवाब न देने को जवाब के रूप में मानेगा और इस मामले में सरकार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। हम पहले दिन से पूछ रहे हैं कि सरकार ने पेगासस का इस्तेमाल क्यों और किस कानून के तहत किया।"
29 में से पांच मोबाइल फोन में पाया गया मैलवेयर
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पैनल पेगासस के अवैध इस्तेमाल की जांच कर रहा है। पैनल ने 29 में से पांच मोबाइल फोन में किसी प्रकार का मैलवेयर पाया है। हालांकि यह स्पष्ट किया जा सका है कि ये मैलवेयर इजराइल के स्पाइवेयर के कारण था।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आर.वी. रवींद्रन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर गौर करने के बाद मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमण और जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की बेंच ने कहा कि भारत सरकार ने जांच में सहयोग नहीं किया।
'लोकतंत्र-संविधान में सेंध लगाने का हथियार है पेगासस'
कांग्रेस प्रवक्ता वल्लभ ने कहा कि एक ऐसा हथियार जिसका आतंकवादियों और दुश्मन राज्य के लोगों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है, उसका इस्तेमाल सरकार द्वारा लोकतंत्र, कार्यपालिका और न्यायपालिका को कमजोर करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, "यह हमारे लोकतंत्र, संविधान में सेंध लगाने का एक हथियार है।"