2021 में तृणमूल के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले सुब्रत साहा के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। तृणमूल कांग्रेस की ओर से देवाशीष बनर्जी उम्मीदवार हैं, जबकि भाजपा ने दिलीप साहा को टिकट दिया था। माकपा-कांग्रेस ने संयुक्त तौर पर वायरन विश्वास को उम्मीदवार बनाया है। दो मार्च को मतगणना होगी।
पश्चिम बंगाल के सागरदिघी उपचुनाव में सोमवार को आरोप-प्रत्यारोप, घेराव, विरोध प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बीच संपन्न हो गया। यहां शाम पांच बजे तक 73.40 प्रतिशत मतदान हुआ। यह विधानसभा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिला के अंतर्गत आता है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया है कि आयोग के पास कुल 178 शिकायतें सारा दिन दर्ज हुईं।
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जानकारी के मुताबिक, सुबह के समय सबसे पहले बूथ नंबर-53 पर मॉक पोलिंग के दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों के पोलिंग एजेंटों के बीच बहस हुई। इसके बाद चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारी को हटा दिया। ईवीएम मशीन भी बदली गई। तृणमूल उम्मीदवार देवाशीष बनर्जी ने आरोप लगाया कि बिना उकसावे के केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया है, जिसमें एक तृणमूल कार्यकर्ता को चोट लगी है।
माकपा-कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार वायरन विश्वास ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र संख्या 62 पर तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने छपा वोटिंग की है और पीठासीन अधिकारी ने इसमें मदद की है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया है कि आयोग के पास कुल 178 शिकायतें सारा दिन दर्ज हुईं। इनमें से एक भी शिकायत सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ओर से दाखिल नहीं कराई गई है। अधिकतर शिकायतें माकपा कांग्रेस गठबंधन और भाजपा ने आयोग के पास की है।
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प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और उनपर सीधे तौर पर निगरानी की जा रही थी। यहां कुल मतदाताओं की संख्या दो लाख 43 हजार 825 है। इनमें से एक लाख 24 हजार 533 पुरुष और एक लाख 21 हजार 287 महिला हैं। 30 कंपनी केंद्रीय बलों की तैनाती हुई थी।
तृणमूल विधायक के निधन के बाद खाली हुई थी सीट
उल्लेखनीय है कि 2021 में तृणमूल के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले सुब्रत साहा के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। तृणमूल कांग्रेस की ओर से देवाशीष बनर्जी उम्मीदवार हैं, जबकि भाजपा ने दिलीप साहा को टिकट दिया था। माकपा-कांग्रेस ने संयुक्त तौर पर वायरन विश्वास को उम्मीदवार बनाया है। दो मार्च को मतगणना होगी।