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टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध कंपनी बनाए रखने के लिए प्रस्तावित पुनर्गठन पर टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) के तीन ट्रस्टियों ने अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव ट्रस्ट्स के उस पुराने रुख के अनुरूप है, जिसके तहत टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध कंपनी बनाए रखना है। नोएल टाटा के साथ एसडीटीटी के ट्रस्टी दारियस खंबाटा, नेविल टाटा और भास्कर भट्ट ने श्रीनिवासन और विजय सिंह को लिखे पत्र में प्रस्ताव का बचाव किया है। इसके तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सॉल्यूशंस और टाटा कंसल्टिंग का टाटा संस में विलय किया जाना है। ट्रस्टियों का कहना है कि आरबीआई ने टाटा संस के सीआईसी पंजीकरण वापस लेने के आवेदन को खारिज जरूर किया है, लेकिन उसने कंपनी को सूचीबद्ध होने या कोई खास कदम उठाने का निर्देश नहीं दिया है।