नरेंद्र मोदी चाय के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
- फोटो : PTI
लोकसभा चुनाव 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मुलाकात से लेकर कई आम जनसभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि वह अपने शुरुआती दौर में चाय बेचा करते थे बनाते थे। फिर लोकतंत्र की शक्ति ने उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दिया। दूसरी तरफ आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रधानमंत्री बनने के दो साल बाद भी नरेंद्र मोदी चाय के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
अलीगढ़ के प्रमुख कारोबारी महेंद्र सिंह हरकुट ने पीएमओ को पत्र लिख कर चाय की गुणवत्ता जांच, चाय तैयार करने के तरीके, चाय के टेड्रमार्क सहित अन्य सवाल पूछे थे। पीएमओ के निर्देश पर मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ कामर्स के सेक्शन सचिव रमेश चंद्रा ने टी बोर्ड भारत की सचिव प्रियंका बासु इंगटे से मिली जानकारी महेंद्र सिंह को भेजी है।
जिसमें चाय के सात टेड्रमार्क, तैयार करने की विधि, गुणवत्ता जांचने के दो नियम की जानकारी दी है। कारोबारी को मसाला चाय, ढाबा चाय, अदरक चाय और कार्डमम चाय बनाने की रेसीपी बुकलेट भेजी गई है। जवाबों से असंतुष्ट महेंद्र सिंह हरकुट ने कहा कि चाय के अलग-अलग रेट, तैयार करने की अलग-अलग विधि और स्वाद में भिन्नता से खिन्नता होती है।
इस बाबत क्या कदम उठाए जा रहे हैं इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है। इसलिए वह दोबारा एक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज रहे हैं। महेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम कई बार ये कह चुके हैं कि वह चाय बनाते थे तो फिर उनके कार्यकाल में पूरे देश में चाय में एकरूपता क्यों नहीं आ रही है..? महेंद्र सिंह कहते हैं कि चार दशक पहले वह खुद चाय बेचते थे इसलिए वह चाय के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।