पीठ ने कहा कि रिहायशी इलाकों में चल रही दुकान और उससे संबंधित अनुमति पत्र या लाइसेंस नहीं दिए जाने पर अवैध तरीके से चल रहे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर सील कर दिया जाएगा। पीठ के समक्ष दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में एसडीएमसी और भूमि व विकास कार्यालय की ओर से कराए गए मकानों के संयुक्त सर्वे का मुद्दा भी उठा।
केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एएनएस नादकर्णी ने बताया कि अमर कॉलोनी और मोतिया खान के अलावा दो अन्य इलाकों में 2,345 मकानों का सर्वे कराया गया है। दिवाली की छुट्टियां खत्म होने के दो सप्ताह के भीतर सर्वे रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘पहले आप रिपोर्ट दीजिए। साथ ही न्यायमित्र को भी सर्वे रिपोर्ट की प्रति दीजिए। इसके बाद अदालत इस मामले को देखेगी।’