मुंबई की नागरिक परिवहन संस्था बेस्ट ने कुर्ला सड़क हादसे के मद्देनजर ड्राइवरों के लिए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को उन निजी ऑपरेटरों से मुलाकात की जो सरकारी एजेंसियों को बसें उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने ड्राइवरों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने और अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाने की बात कही।
बेस्ट ने निजी ऑपरेटरों के साथ की बैठक
बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की इलेक्ट्रिक बस के बेकाबू होकर उपनगरीय कुर्ला (पश्चिम) में पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मारने के दो दिन बाद, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और 42 अन्य घायल हो गए, अधिकारियों ने वेट लीज मॉडल के तहत बसें उपलब्ध कराने वाले निजी ऑपरेटरों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि बैठकों में निजी ऑपरेटरों से ड्राइवरों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण, उनकी नियुक्ति के मानदंड, प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे और मॉड्यूल का विवरण देने को कहा गया।
हादसे के बाद जागा बेस्ट, बैठकों का दौर जारी
बेस्ट और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के शीर्ष अधिकारियों ने इन बैठकों की अध्यक्षता की। वेट लीज मॉडल के तहत, ड्राइवर उपलब्ध कराने और किराए पर ली गई बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी ठेकेदारों के पास रहती है। राज्य की तरफ से संचालित परिवहन निकाय अपनी ओर से बसों के लिए उन्हें एक निश्चित राशि का भुगतान करते हैं। एमएसआरटीसी के चेयरमैन भरत गोगावाले ने मुंबई सेंट्रल स्थित राज्य परिवहन निकाय के मुख्यालय में अपनी बैठक की, जबकि बेस्ट के महाप्रबंधक अनिलकुमार डिग्गीकर ने कोलाबा स्थित नागरिक निकाय के मुख्यालय में निजी बस ऑपरेटरों से मुलाकात की।
ड्राइवर के लिए ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य- महाप्रबंधक
अनिलकुमार डिग्गीकर ने बताया कि बेस्ट को वेट लीज मॉडल के तहत बसें उपलब्ध कराने वाले सभी पांच निजी ऑपरेटरों के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद थे। कुर्ला दुर्घटना की जांच के लिए बेस्ट की तरफ से नियुक्त समिति के सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, 'हम ड्राइवर प्रशिक्षण में एकरूपता ला रहे हैं, जिसमें ऑन-व्हील और सिमुलेशन प्रशिक्षण दोनों शामिल हैं, और प्रत्येक ड्राइवर के लिए ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट (जो रक्त में अल्कोहल की मात्रा को मापता है) को भी अनिवार्य बनाया जा रहा है।'
उन्होंने कहा कि बैठक में उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि प्रत्येक ऑपरेटर अपने ड्राइवरों को किस तरह का प्रशिक्षण देता है और उनसे लिखित रूप में यह बताने को कहा कि वे अपने मौजूदा कार्यक्रम में क्या सुधार लाने जा रहे हैं। बेस्ट के महाप्रबंधक ने कहा कि उनके इनपुट का विश्लेषण किया जाएगा और फिर क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की जाएगी, और अगले सप्ताह एक समान प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
कुर्ला में बस हादसे की ये हो सकती है मुख्य वजह
कुर्ला में हुए हादसे के बाद शुरुआत में संदेह था कि इलेक्ट्रिक वाहन बेस्ट बस के चालक संजय मोरे ने शराब पी रखी थी। यह भी संदेह था कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे, जिसके कारण यह हाउसिंग सोसाइटी की दीवार से टकराने से पहले वाहनों और पैदल यात्रियों से टकराई। हालांकि, निरीक्षण के बाद आरटीओ अधिकारियों ने कहा कि ब्रेक ठीक से काम कर रहे थे और हो सकता है कि दुर्घटना इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए ड्राइवर को उचित प्रशिक्षण न मिलने के कारण हुई हो। इस बैठक के बाद जारी एक विज्ञप्ति में एमएसआरटीसी ने कहा कि निगम तीन सूत्री कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करने जा रहा है - ड्राइवरों को प्रशिक्षण देना, उनका मानसिक स्वास्थ्य मजबूत बनाना और अपने बेड़े में तकनीकी रूप से दोषरहित बसें शामिल करना।
इस तरह से ड्राइवरों का चयन करता है बेस्ट
राज्य की तरफ से संचालित निकाय ने कहा कि वर्तमान में वह अपने ड्राइवरों को 6 महीने का रिफ्रेशर प्रशिक्षण देता है और एक टेस्ट लेने के बाद उन्हें सेवा में शामिल करता है। इलेक्ट्रिक बस निर्माण कंपनियों ओलेक्ट्रा और ग्रीनसेल ने एमएसआरटीसी को एसी लग्जरी बसें आपूर्ति की हैं। निगम अपने लगभग 15,000 बसों के बेड़े की मदद से पूरे महाराष्ट्र में प्रतिदिन लगभग 55 लाख यात्रियों को परिवहन करता है, जिनमें निजी ऑपरेटरों के पट्टे पर लिए गए इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं।