सऊदी अरब के मदीना शहर में भारतीय नागरिकों को लेकर जा रहे वाहन के भीषण हादसे के बाद भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को घटनास्थल भेजने का फैसला किया है। हादसे में कई भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। केंद्र सरकार ने इसे अत्यंत संवेदनशील मानते हुए राहत एवं सहायता कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी का निर्णय लिया है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय सरकारी टीम बुधवार को सऊदी अरब रवाना होगी। उनके साथ विदेश मंत्रालय के सचिव (CPV & OIA) अरुण कुमार चटर्जी भी मौजूद रहेंगे। यह टीम स्थानीय प्रशासन, मदीना की पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्रालय के साथ राहत कार्यों का समन्वय करेगी। प्रतिनिधिमंडल मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होगा।
मृतकों की पहचान प्रक्रिया तेज
भारतीय दूतावास (रियाद) और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर मृतकों की पहचान प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा है कि हर भारतीय परिवार को सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मदीना के अस्पतालों में भर्ती घायलों का इलाज लगातार जारी है और सभी के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। भारत सरकार ने मृतकों के परिजनों को सऊदी अरब पहुंचाने की व्यवस्था भी शुरू कर दी है।
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केंद्र का आश्वासन
केंद्र सरकार ने कहा कि वह इस त्रासदी से प्रभावित हर भारतीय के साथ खड़ी है और राहत प्रक्रिया में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मंत्रालय ने इसे गंभीर और दर्दनाक स्थिति बताते हुए आश्वासन दिया कि हर जरूरी मदद तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय मिशन पीड़ितों के परिवारों को निरंतर अपडेट दे रहा है और औपचारिक प्रक्रियाओं को यथासंभव सरल बनाया जा रहा है।
क्यों भेजी गई उच्चस्तरीय टीम?
17 नवंबर को हुए इस हादसे में तीर्थयात्रियों का वाहन मदीना के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह समूह उमरा यात्रा के लिए गया था। हादसे के बाद सऊदी प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान चलाया। घटना की गंभीरता और मृतकों की संख्या को देखते हुए भारत सरकार ने उच्चस्तरीय दखल की आवश्यकता महसूस की और तत्काल प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया।
घायलों और उनके परिवारों को वित्तीय तथा दूतावासीय सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि भारत सऊदी प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगा कि सभी प्रक्रिया बिना देरी पूरी हों। सरकार ने वादा किया है कि हर पीड़ित परिवार को न्याय, सहयोग और मानवीय सहायता पूरी प्राथमिकता के साथ दी जाएगी।