उपभोक्ता मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, देश में लगभग 23.24 करोड़ राशन कार्ड हैं। इनका डिजिटलाइजेशन हो चुका है, लेकिन आधार से करीब 85 फीसदी यानी लगभग 20 करोड़ राशन कार्ड ही जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में लाखों फर्जी राशन कार्ड को पकड़ा गया है और एक लाख करोड़ की सेंध मारी रोकी गई है।
मौजूदा समय आ रही शिकायतों में सेंधमारी के अलावा लाभार्थी तक खाद्यान्न नहीं पहुंचने, पीडीएस की कार्यप्रणाली में अनियमितताओं और उल्लंघन की शिकायतें भी हैं। सरकार पीडीएस को पूरी तरह से भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसमें सेंधमारी पर रोक ही नहीं, लाभार्थी को सिर्फ अच्छा खाद्यान्न मुहैया कराना और आपूर्ति को अनियमितता मुक्त करना शामिल है।
क्रियान्वयन समेत कई पहलुओं पर होती है निगरानी
मंत्रालय के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा पीडीएस के क्रियान्वयन समेत अन्य पहलुओं पर निगरानी की जाती है। शिकायत मिलने पर राज्यों के विभाग छापेमारी करते हैं और उल्लंघन होने की सूरत में जुर्माना लगाया जाता है। गौरतलब है कि पीडीएस नियंत्रण आदेश, 2015 में सजा का प्रावधान शामिल कर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान किया गया था।