कार्मिक मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आदेश के अनुसार, 31 जुलाई को राजेश भूषण के रिटायर्ड होने के बाद सुधांश पंत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
भारत सरकार ने शीर्ष नौकरशाही में फेरबदल किया है। जिसके तहत केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 15 वरिष्ठ नौकरशाहों की नियुक्ति की गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधांश पंत को नए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के रूप में नामित किया गया है।
विज्ञापन
राजस्थान कैडर के 1991 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी पंत वर्तमान में बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय में सचिव हैं। उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष कार्याधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की जगह लेंगे। कार्मिक मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आदेश के अनुसार, 31 जुलाई को राजेश भूषण के रिटायर्ड होने के बाद सुधांश पंत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
आदेश के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंचल कुमार को नए नागरिक उड्डयन सचिव के रूप में नामित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि चंचल कुमार एक अगस्त 2023 को भारत सरकार के सचिव के रैंक और वेतन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के विशेष कार्य अधिकारी के रूप में शामिल होंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वर्तमान सचिव राजीव बंसल 31 जुलाई 2023 को सेवानिवृत्ति हो रहे हैं।
विज्ञापन
लोक सेवकों को देना होगा अध्ययन अवकाश नियमों के पालन का वचन
इधर, सरकार ने सिविल सेवा (आईएएस, आईपीएस व आईफएस) अधिकारियों को दिए जाने वाले अध्ययन अवकाश को लेकर रुख कड़ा कर लिया है। केंद्र का यह बदलाव अध्ययन अवकाश के दुरुपयोग के कई मामले सामने आने के बाद सामने आया है। केंद्र के कार्मिक मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी किए आदेश में कहा है कि अध्ययन अवकाश लेने के लिए तय आचरण नियमों का पालन करना जरूरी है। अखिल भारतीय सेवाओं के कुछ अधिकारियों का अध्ययन अवकाश आचरण नियम, 1968 की भावना के अनुरूप नहीं पाया गया है। लिहाजा, अधिकारियों को अब अध्ययन अवकाश पर जाने से पहले बॉन्ड के तहत वचन देना होगा कि वे अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 और अध्ययन अवकाश के दौरान आचरण दिशानिर्देशों का पालन करेंगे, उल्लंघन करने पर वे अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे।
निर्देशों में कहा गया है कि बॉन्ड में अधिकारी को वचन देना होगा कि आचरण नियमों के उल्लंघन को केंद्र सरकार में पैनलबद्ध होने की प्रक्रिया के दौरान ध्यान में रखा जाए। इसके अलावा अध्ययन अवकाश को खत्म भी किया जा सकता है।