हाथ में मेहंदी और पीठ पर कई जगह लाल निशान। कुछ ही दिन पहले सगाई की रस्म में बंधी प्रियंका (30) का जब पोस्टमार्टम तो डॉक्टर भी मेंहदी देख आश्चर्य में थे। उनके लिए भी यह सब आसान नहीं था। एक ही परिवार के 11 शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के लिए भी चौंकान्ने वाला और दुखद था। शायद इसीलिए छुट्टी के दिन भी डॉक्टरों ने अपने आराम को त्याग रविवार की रात 12 बजे तक पोस्टमार्टम किया।
सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने शरीर परीक्षण शुरू किया तो उसकी पीठ पर कई जगह लाल निशान थे। हालांकि फॉरेसिंक विशेषज्ञ इसकी कई आम वजह भी मान रहे हैं। इनका कहना है कि ज्यादा देर हाथ-पैर बंधा होने की वजह से भी निशान आ सकते हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि बुराड़ी के घर से मिले 11 शवों में चार लड़के-लड़की भी शामिल हैं।
प्रियंका के अलावा नीतू, मीनू, ध्रुव और शिवम के हाथ-पैर पर गहरे निशान पाए गए हैं। इनके हाथ-पैर बांधने के लिए टेलिफोन का तार और प्लास्टिक की रस्सी का इस्तेमाल किया था। यही नहीं सूत्रों की मानें तो कुछ लोगों के गले की हड्डी भी टूटी पाई है। हालांकि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के फॉरेसिंक विभाग ने आधिकारिक पुष्टि से इंकार किया, लेकिन पहचान छिपाने की शर्त पर एक ने बताया कि 10 लोगों के गले पर फंदे के निशान पाए हैं। उन्होंने ये भी बताया कि प्रियंका के गले पर गहरा निशान देखा गया है।
कल्ट स्यूसायड से जोड़ रहे डॉक्टर
एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि भारतीय संस्कृति में मृतक को सम्मान दिया जाता है। इसलिए बुराड़ी के घर में मृतक मिले सभी सदस्यों पर टिप्पणी करना गलत होगा, लेकिन इस पूरे केस को देखने से पता चलता है कि मामला कल्ट स्यूसायड से जुड़ा हो सकता है। कल्ट स्यूसायड के तहत अक्सर लोग विश्वास रखते हैं कि भगवान ने आपको जीवन दिया है और अब समय आ गया है ये जीवन उन्हें वापस करने का, लेकिन चिकित्सीय जगत में इसे केवल एक न्यूरो मनोरोग कहा जाता है। कोई भी विचारधारा इतनी भयावह नहीं हो सकती कि हंसते-खेलते पूरे परिवार को तबाह कर जाए।
बच्चे नहीं थे तैयार, तभी निशान गहरे
बताया जा रहा है कि शरीर पर मौजूदा निशान देखकर डॉक्टरों को अंदेशा है कि प्रियंका सहित चारों लड़की-लड़का आत्महत्या के लिए तैयार नहीं थे। शायद यही वजह रही होगी कि इनके हाथ-पैर भी टेलिफोन के तार और प्लास्टिक की रस्सी से ज्यादा ताकत से बांधे गए थे। इसके कारण शरीर पर गहरे निशान भी आए।
नए जूते पहनकर स्कूल जाना चाहता था ध्रुव
पोस्टमार्टम हाऊस में मौजूद परिजनों ने बताया कि कुछ ही दिन पहले ध्रुव और शिवम नए जूते खरीदकर लाए थे। ये 10 जुलाई से स्कूल भी जाने वाले थे। इसलिए इन्होंने स्पोट्र्स और ड्रेस के जूते खरीदे थे, रोते हुए परिजनों ने कहा कि अब ये जूते किस काम के।