केरल के तिरुवनंतपुरम के एक न्यायालय ने सोमवार को कुख्यात अपराधी देविंदर सिंह उर्फ ‘बंटी चोर’ को 10 साल की सजा सुनाई है। बंटी चोर को 2013 में एक एनआरआई बिजनेसमैन के घर में सेंधमारी कर कई कीमती चीजें चुराने के मामले में सजा सुनाई गई है।
कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट पी कृष्णकुमार ने बंटी चोर को ‘आदतन अपराधी’ बताते हुए 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। दिल्ली का रहने वाला बंटी देशभर में 300 से अधिक चोरी और सेंधमारी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
पुलिस ने उसे पुणे के एक होटल से गिरफ्तार किया था। 2013 में बंटी ने एक एनआरआई के घर में हाई सिक्योरिटी अलार्म को तोड़ कर सेंधमारी की थी और लैपटॉप, 28 लाख की लक्जरी कार समेत कई कीमती सामान पार कर दिए थे।
शातिर चोर बंटी को सबसे पहले 1993 में गिरफ्तार किया गया था जब वह किशोर था। हालांकि वह उस वक्त पुलिस की गिरफ्त से भागने में कामयाब रहा था। स्कूल ड्रॉपआउट रहे बंटी ने कभी कोई संपत्ति नहीं खरीदी। वह हमेशा फाइव स्टार होटल में ही रुकना पसंद करता था।
ऐसा माना जाता है कि 2008 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘ओए लक्की लक्की ओए’ बंटी चोर के जीवन पर ही आधारित थी। बंटी चोर के जीवन पर आधारित एक मलयालम फिल्म भी बन चुकी है। बंटी चोर टीवी के पॉपुलर रिएलिटी शो ‘बिग बॉस’ के 2010 में आए चौथे सीजन में भी हिस्सा ले चुका है।