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यूपी चुनाव में भाजपा के गले की फांस बनेगा बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा

Thu, 13 Oct 2016 02:20 AM IST
विकास सनाड्य/अमर उजाला, झांसी
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विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण का मुद्दा गले की फांस बन सकता है। लोकसभा चुनाव के पहले झांसी आए नरेंद्र मोदी ने यहां की जनता को अलग राज्य का भरोसा दिया था। उमा भारती ने भी इस मुद्दे पर खूब वोट बटोरे थे, लेकिन केंद्र में सरकार बनने के बाद भी अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में पृथक राज्य की लड़ाई लड़ रहे स्थानीय दलों के इस मुद्दे पर भाजपा के विरोध में स्वर मुखर हो गए हैं। यहां तक कि उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों के विरोध में प्रत्याशी तक उतारने का एलान कर दिया है।
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बुंदेलखंड की राजनीति में अलग राज्य का मुद्दा पिछले कई दशकों से बना हुआ है। समाजवादी पार्टी को छोड़कर अन्य सभी दल चुनाव में इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में इस मुद्दे पर भाजपा ने खूब वोट बटोरे थे। झांसी - ललितपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनावी समर में उतरी उमा भारती ने जनता को भरोसा दिया था कि केंद्र की सत्ता में आने के छह महीने के भीतर पृथक राज्य निर्माण की दिशा में कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी और तीन साल में अलग राज्य का निर्माण हो जाएगा। 

इस दौरान झांसी आए नरेंद्र मोदी ने भी उमा की बात का समर्थन किया था। मऊरानीपुर की रैली में राजनाथ सिंह ने भी छोटे राज्यों का समर्थन करते हुए अलग बुंदेलखंड राज्य की वकालत की थी। केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद लोगों में अलग राज्य बनने की उम्मीद जग गई थी, परंतु ढाई साल बाद भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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इससे अब लोगों में भाजपा के प्रति आक्त्रसेश पनपने लगा है। अलग - अलग दलों में रहते पृथक राज्य की पैरोकारी करने वालों ने अब अपना अलग दल ‘बुंदेलखंड क्त्रसंति दल’ तैयार कर लिया है। अब इस दल की उत्तर प्रदेश के हिस्से में आने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र की विधानसभा की सभी 19 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी है। इसके लिए अभी से गांव-गांव में जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है।
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प्रधानमंत्री ने जनता को दिया धोखा

- फोटो : अमर उजाला
वहीं, लंबे समय से बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई लड़ रहे बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उमा भारती पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ‘वादा पूरा करो या थूक के चाटो’ आंदोलन छेड़ रखा है। मोर्चा द्वारा लोगों को नरेंद्र मोदी व उमा भारती का लोकसभा चुनाव से पहले किया गया राज्य निर्माण का वादा याद दिलाया जा रहा है। वादा पूरा न करने पर इस विधानसभा चुनाव में भाजपा के विरोध में वोटिंग की अपील की जा रही है। कुल मिलाकर चुनाव से पहले एक बार फिर राज्य निर्माण का मुद्दा गरमा गया है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है।

बुंदेलखंड क्त्रसंति दल के केंद्रीय अध्यक्ष कुं. सत्येंद्र पाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड की जनता के साथ धोखा किया है। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने वोटों की खातिर अलग राज्य का समर्थन किया था। उमा भारती ने भी स्थानीय लोगों से भावनात्मक रिश्ता जोड़ते हुए इस मुद्दे पर खूब वोट बटोरे थे, लेकिन अब यह लोग बुंदेलखंड राज्य का नाम लेने से भी कतरा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। बुंदेलखंड क्त्रसंति दल सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा।

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा कि बुंदेलखंड की जनता से भाजपा व उसके नेताओं ने छल किया है। वोट लेने के लिए लोकसभा चुनाव के पहले नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, उमा भारती समेत भाजपा के सभी छोटे - बड़े नेताओं ने अलग राज्य का पुरजोर समर्थन किया था। इस पर जनता ने भाजपा को हाथों हाथ लेते हुए खूब वोट दिए थे, परंतु सरकार बनने के बाद बुंदेलखंड राज्य की सुध भी नहीं ली गई है। यहां तक कि बुंदेलखंड विशेष पैकेज से भी केंद्र सरकार ने हाथ खींच लिए हैं। इसका भाजपा को विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ेगा।
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