माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाले गिटहब पर फ्री बनते हैं एप
2018 में माइक्रोसॉफ्ट ने 750 करोड़ अमेरिकी डॉलर में गिटहब को खरीदा था। यह इंटरनेट बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जहां सॉफ्टवेयर व एप बनाने के लिए तकनीकी मदद दी जाती है। इसके लिए जरूरी तकनीक मुफ्त दी जाती है।
विपक्षी नेताओं के आरोप, पुलिस ने कुछ नहीं किया
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यह घटना हैरान करने वाली है। ऐसे ही मामले में पिछली बार कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए अपराधियों का दुस्साहस बढ़ गया। एआईएमआईएम के सांसद असददुद्दीन ओवैसी ने भी कहा कि पिछली बार अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की इसलिए अपराधियों के हौसले बढ़े। उन्होंने अश्विनी वैष्णव, राष्ट्रीय महिला आयोग व दिल्ली पुलिस से सख्त कार्रवाई का निवेदन किया। भाकपा नेता कविता कृष्णन ने कहा कि सुल्ली डील्स घटना में एफआईआर के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कब तक मूकदर्शक बने रहेंगे बहुसंख्यक
ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वीमंस एसोसिएशन ने कहा कि इस अपराध के पीछे ‘हिंदू अतिवादियों’ का हाथ है। महिला अधिकार कार्यकर्ता शबनल हाशमी ने सवाल किया कि बहुसंख्यक कब तक मूकदर्शक बने रहेंगे? क्या सभी धर्मनिरपेक्ष लोग मानसिक और शारीरिक रूप से मृत हो चुके हैं? उन्होंने कहा, आक्रोश कहां है? ट्विटर पर भी कई लोगों ने इस मामले को उठाया है। कई आम लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इसे उठाते हुए सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है।
परेशान करने वालों को सरकारी छूट: महबूबा मुफ्ती
पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि मुस्लिम महिलाओं को ऑनलाइन परेशान करने वालों को सरकारी प्रश्रय मिला हुआ है। उन्होंने कहा, जो अपराधी बुल्ली-बाई जैसे एप बना रहे हैं, उन्हें खुली छूट मिली हुई है।