प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना में खलल डालना महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ गया है।
पुलिस ने ठाणे के दिवा-शील परिसर में शुरू बुलेट ट्रेन सर्वेक्षण काम को रोकने और हंगामा करने के आरोप में मनसे के आठ पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर बुधवार को ठाणे कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
बुलेट ट्रेन सर्वे का काम रोकने व सरकारी काम में दखल देने के मामले में मनसे के ठाणे शहर अध्यक्ष रवींद्र मोरे, संदीप पाचंगे, पुष्कर विचारे, सागर जेधे, विनायक रणपिसे, जनार्दन खारीवले, शरद पाटील, और कुशाल पाटील को गिरफ्तार किया गया हैं।
लेकिन, मनसे के जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव की न तो गिरफ्तारी हुई है और न ही उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सर्वे रोकने का आंदोलन जाधव के ही नेतृत्व में हुआ था। इससे पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।