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मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन विलासिता नहीं भविष्य की आवश्यकता है: अंगड़ी

Fri, 26 Jul 2019 09:39 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बुलेट ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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केंद्रीय रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी ने स्पष्ट किया है कि देश में महाराष्ट्र और गुजरात के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन विलासिता नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकता है। शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में खर्च न करके बहुत अधिक खर्च कर तैयार होने वाली इस परियोजना पर भाजपा के ही सांसद डॉ. विकास महात्मे ने सवाल उठाया। राज्यसभा में प्रश्र के उत्तर में रेल राज्यमंत्री ने साफ किया कि भविष्य में युवा हमें दोष न दें इसलिए युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए ही इसे शुरू किया जा रहा है। 

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दरअसल डॉ. महात्मे ने प्रश्रकाल में बुलेट ट्रेन नेटवर्क पर आने वाले खर्च और देश के अन्य हिस्सों में इसे विस्तार देने के साथ इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि जितना निवेश हम बुलेट ट्रेन पर कर रहे हैं उस रकम को शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लगा सकते थे। रेल राज्यमंत्री ने कहा ये आपकी चिंता है लेकिन बुलेट ट्रेन योजना देश के भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रजोक्ट है। उन्होंने बताया कि जापान में बुलेट ट्रेन 1965 में आ गई थी और चालीस साल पहले चीन में बुलेट ट्रेन दौड़ने लगी। चीन ने तो तब बुलेट ट्रेन दौड़ाई जब विकसित देश भी नहीं था। नई तकनीकी है और अपने यहां ट्रेन सौ किलोमीटर घंटा की रफ्तार से ही चलती हैं। 

मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की मंजूरी 2015 में दी गई थी। इससे अर्थव्यवस्था में उछाल आएगा। पूरक प्रश्र के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेन को लेकर पर्यावरण सुरक्षा के उपाय किए गए हैं। समुद्रतट के करीब से गुजरने के बावजूद इसकी परिस्थिति पर ध्यान दिया गया है। बुलेट ट्रेन पूरी तरह से एलीवेटेड है इसलिए कम प्रभाव होगा। मुंबई के पास वन क्षेत्र को नुकसान न हो इसके लिए भूमिगत सुरंग बिछाई जा रही है। योजना में जितने पेड़ कटेंगे उसके पांच गुना लगाए जा रहे हैं। 
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कांग्रेस सांसद डॉ. अमी याज्ञनिक ने कहा कि गुजरात के किसान बुलेट ट्रेन का विरोध कर रहे हैं उनकी अनदेखी की गई है और कोर्ट में तमाम याचिकाएं लंबित हैं। इस पर रेल राज्यमंत्री ने बताया कि ट्रेन के दायरे में गुजरात के 297 गांव आएंगे। इसमें 95 प्रतिशत किसानों ने सहमति दे दी है। परियोजना में दोनों राज्य सरकारें भी शामिल हैं और जमीन अधिग्रहण का काम उनका है। महाराष्ट्र में जमीन को लेकर समस्या है लेकिन न्यायालय के बाहर इसे सुलझाने का प्रयास जारी है। 

भाजपा सांसद राकेश सिन्हा के पूरक प्रश्र पर राज्यमंत्री ने बताया कि परियोजना पर करीब एक लाख करोड़ खर्च होंगे और इस रूट पर करीब 36 हजार लोग प्रतिदिन यात्रा कर रहे हैं। इस ट्रेन का न्यूनतम किराया तीन हजार रुपए होगा जो व्यवहारिक है। इस योजना के लिए हमें 0.1 प्रतिशत पर रकम मिली है और योजना भविष्य में फायदेमंद साबित होगी। 

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