गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटने के बाद उन्हें कितनी बुलेट प्रूफ गाड़ियां मिलेंगी और इसे कौन सी एजेंसी मुहैया कराएगी, कई लोगों के जेहन में अब यह सवाल घूम रहा है। एसपीजी सुरक्षा वाले वीवीआईपी को बीएमडब्ल्यू, रेंज रोवर, मर्सिडीज बैंज, लैंड क्रूजर, टोयटा फॉरच्यूनर और टाटा सफारी जैसे बुलेटप्रूफ वाहन मिलते हैं। ये सभी बख्तरबंद गाड़ियां एसपीजी द्वारा ही मुहैया कराई जाती हैं। चूंकि अब गांधी परिवार यानी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सीआरपीएफ की जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है, इसलिए उन्हें बख्तरबंद जैसी गाड़ियां नहीं मिलेंगी। इन्हें केवल बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।
बता दें कि जिन वीवीआईपी को एसपीजी सुरक्षा मिली होती है, वे अपनी गाड़ियों में बहुत कम चलते हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, संबंधित सुरक्षा एजेंसी उन्हें इसकी इजाजत भी नहीं देती। ऐसी सभी गाड़ियों को एसपीजी अपने हिसाब से तैयार कराती है। जैसे पीएम या पूर्व पीएम को बीएमडब्ल्यू 760 एलआई (एफ 03) हाई सुरक्षा से लैस गाड़ी मुहैया कराई जाती है। यह बख्तरबंद गाड़ी बैलेस्टिक रोधी होती है।
लैंडमाइन ब्लास्ट या मशीन गन से फायर का भी इस पर कोई असर नहीं होता। इन गाड़ियों का फ्यूल टैंक केवलर शील्ड से बना होता है, जो किसी भी स्थिति में आग नहीं पकड़ता। केमिकल और बायोलॉजिकल अटैक से भी ये गाड़ी पूर्णतया सुरक्षित रहती है। बीएमडब्ल्यू के बाद रेंज रोवर (एल 405) का नंबर आता है। यह भी बख्तरबंद गाड़ी होती है। पीएम या पूर्व पीएम के परिजनों को ज्यादातर यही गाड़ी प्रदान की जाती है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि गांधी परिवार को दो दो बुलेट प्रूफ गाड़ियां मिल सकती हैं। यह भी संभव है कि सोनिया गांधी को उनके स्वास्थ्य के चलते पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह की तरह बीएमडब्ल्यू कार मुहैया करा दी जाए। यदि उन्हें बीएमडब्ल्यू मिलती है तो वह एसपीजी से ही आएगी। चूंकि एसपीजी के पास ऐसी कई गाड़ियां हैं। उनमें सुरक्षा के तमाम उपकरण भी लगे हैं। इसी तरह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी दो दो बुलेट प्रूफ वाहन प्रदान किए जाएंगे। इन्हें रेंज रोवर बुलेटप्रूफ गाड़ी प्रदान की जा सकती है। जब ये लोग दिल्ली से बाहर किसी दूसरे राज्य में जाएंगे तो उन्हें वहां की सरकार द्वारा बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए सीआरपीएफ की जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वाले व्यक्ति को कम से कम एक दिन पहले अपनी यात्रा का ब्योरा संबंधित राज्य सरकार के पास भेजना होगा। जिस तरह से केंद्र सरकार ने एसपीजी सुरक्षा को लेकर गांधी परिवार के सदस्यों पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, वैसा सीआरपीएफ सुरक्षा में नहीं चलेगा। एसपीजी सुरक्षा के दौरान अनेकों बार गांधी परिवार के सदस्यों ने यात्रा शुरु करने से 15-20 मिनट पहले यह जानकारी दी थी कि वे कहां जा रहे हैं। सीआरपीएफ सुरक्षा में यह सब नहीं चलेगा। संबंधित राज्य सरकार को जेड प्लस सुरक्षा वाले व्यक्ति की यात्रा की जानकारी समय रहते भेजनी होगी।