बुलंदशहर गैंगरेप कांड से संबंधित मामले में यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां के अदालत में पेश नहीं होने पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने नाखुशी जाहिर की। शीर्ष अदालत ने सीबीआई से कहा है कि वह समाजवादी पार्टी के नेता को दोबारा नोटिस थमाए। यही नहीं कोर्ट ने उनके वकील के जरिए अपनी नाखुशी का संदेश आजम तक भी पहुंचा दिया है।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश में कहा, ‘हमारी सुविचारित राय में प्रतिवादी नंबर दो (खान) को यहां पेश होना चाहिए था। क्योंकि उनके खिलाफ प्रत्यक्ष आरोप हैं। इस तथ्य के मद्देनजर हम सीबीआई को निर्देश देते हैं कि प्रतिवादी नंबर दो को फिर से नोटिस थमाई जाए।’
न्यायालय ने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को भी निर्देश दिया कि नोटिस के अलावा केस रिकॉर्ड की प्रति भी सीबीआई को उपलब्ध कराए, ताकि दोनों को आजम तक पहुंचाया जा सके। इस दौरान सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सालीसीटर जनरल मनिंदर सिंह ने अदालत में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से खान को नोटिस थमाया जा सकता है, क्योंकि वह राज्य मंत्रिमंडल के हिस्सा हैं।