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बजट सत्र की रणनीति : एनडीए की बैठक में सहयोगी दलों ने दिखाए तीखे तेवर, उठाए सवाल

Sat, 01 Feb 2020 03:17 AM IST
योगेश साहू हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।

सार

  • अकाली दल ने पूछा...सिर्फ संसद सत्र से पहले ही क्यों होती है चर्चा
  • जदयू की मांग...एनपीआर से माता-पिता की जानकारी का सवाल हटे
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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बजट सत्र की रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को हुई एनडीए की बैठक में सहयोगी दलों ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के कुछ सवालों और गठबंधन की नियमित बैठक न होने पर सवाल उठाए। जदयू और अपना दल ने 2021 में होने वाली जनगणना में अलग जाति गणना की भी मांग की।

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एक सहयोगी दल के नेता के मुताबिक, अकाली दल के सुखबीर सिंह ढींढसा ने पूछा कि एनडीए की बैठक हमेशा संसद सत्र से पहले ही क्यों होती है? ढींढसा ने कहा, सत्र के बाद बैठक क्यों नहीं होती? ऐसा न होने से विभिन्न मुद्दों पर गठबंधन में आमराय नहीं बन पाती। वहीं, जदयू के ललन सिंह ने एनपीआर में माता-पिता के जन्मस्थान और जन्मतिथि संबंधी सवाल पर आपत्ति जताई।

उन्होंने पूछा कि इस सवाल का जवाब कितने लोगों के पास होगा? खासतौर से ओबीसी, एससी-एसटी के ज्यादातर लोग इसका जवाब नहीं दे पाएंगे। इसी सवाल के कारण भ्रम की स्थिति बन रही है। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने इन मुद्दों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।
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सुरक्षा पर उठाए कदमों की शाह ने दी जानकारी
पीएम ने शाह को सुरक्षा संबंधी कदमों के संबंध में ब्रीफ करने को कहा। गृहमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में आ रहे बदलाव का खासतौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सेना नहीं बल्कि पुलिस ही आतंकियों को   ठिकाने लगा रही है। शाह ने सीएए के खिलाफ विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

सीएए पर मजबूती से दें जवाब
हम सच की लड़ाई लड़ रहे हैं। सीएए पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है। ऐसे में एनडीए में शामिल सहयोगी दलों को मजबूती से इसका जवाब देना चाहिए। जब हम सही हैं तो डर कैसा। हमारे लिए सबसे पहले देश है। - नरेंद्र मोदी, पीएम

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