बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन नायडू ने कहा कि उच्च सदन में सदस्य विभिन्न तरह की पगड़ी और अंगवस्त्रम पहन कर आते हैं। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि सदस्यों को अपनी पार्टी के चिन्ह का सदन में प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी सदस्य विशेष को इंगित करते हुए यह बात नहीं कही है। नायडू ने आगे कहा, कभी कभी मुझे यह जानकर आश्चर्य होता है कि सांसद दिल्ली में हैं, लेकिन संसद की कार्यवाही में भाग नहीं ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने संसद सदस्यों से सदन में उपस्थित रहने की अपील की।
बैठकों में नहीं भाग ले रहे सांसद
नायडू ने राज्यसभा के कामकाज के बारे में जिक्र करते हुए कहा, इस साल राज्यसभा के 39 ऐसे सदस्य थे, जिन्होंने इन समितियों की सभी बैठकों में हिस्सा लिया। पिछले साल की तुलना में इस साल इन समितियों की बैठक में लोकसभा के सदस्यों की उपस्थिति में कमी आई है। इस साल इन समितियों की बैठक में सदस्यों की उपस्थिति घटकर 42 प्रतिशत रह गई जो पिछले साल 48 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य ऐसे भी है, जिन्होंने किसी समिति की बैठक में भाग नहीं लिया।नायडू ने इन समितियों की बैठक में भाजपा एवं कांग्रेस के अलावा अन्य पार्टियों के सदस्यों की कम उपस्थिति पर चिंता जताई। साथ ही संबंधित पार्टियों को इस पर ध्यान देने की बात कही है।