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संसद की कार्यवाही में खर्च हुए 4.51 अरब रुपये, राज्यसभा में 28 और लोकसभा में सिर्फ 23 फीसदी हुआ काम

Sat, 07 Apr 2018 08:16 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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बजट सत्र 2018 - फोटो : FILE PHOTO
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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुक्रवार को खत्म हो गया। इस सत्र में 2000 के बाद सबसे कम काम हुआ। संसद में रोज होने वाला हंगामा और कामकाज नहीं होने को लेकर भाजपा और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार के मुताबिक बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा में 134 और राज्यसभा में 96 फीसदी काम हुआ। इसके उलट दूसरे चरण के दौरान लोकसभा में सात और राज्यसभा में आठ फीसदी काम हुआ। पूरे बजट सत्र के दौरान लोकसभा में 23 और राज्यसभा में 28 फीसदी काम हुआ। 

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पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के मुताबिक, कामकाज के लिहाज से यह सत्र 2000 के बाद सबसे खराब सत्र था। उस दौरान लोकसभा में औसतन 21 और राज्यसभा में 27 फीसदी काम हुआ था। पूर्व लोकसभा सचिव पीडीटी आचार्य ने कहा कि इस सत्र ने उन्हें 2010 के शीतकालीन सत्र की याद दिला दी। उस दौरान भाजपा और अन्य पार्टियों ने 2जी घोटाले को लेकर पूरा सत्र धो डाला था। उस सत्र में लोकसभा सांसदों ने छह और राज्यसभा सदस्यों ने दो फीसदी समय का इस्तेमाल किया। 2013 में सुधार हुआ और 15 प्रतिशत समय का इस्तेमाल हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 2013 में भी संप्रग सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई थी। 

सीसीपीए ने राष्ट्रपति को सौंपी सत्रावसान की सिफारिश
संसदीय मामलों की केंद्रीय समिति (सीसीपीए) ने बजट सत्र के सत्रावसान की सिफारिश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंप दी है। राज्यसभा और लोकसभा के अनिश्चित काल के लिए स्थगन के तुरंत बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली सीसीपीए ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी सिफारिश सौंपी। 

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