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Budget Session:वंदे भारत स्लीपर की गूंज संसद तक,राष्ट्रपति ने क्यों किया रेलवे की इस प्रीमियम ट्रेन का जिक्र?

Wed, 28 Jan 2026 07:35 PM IST
संध्या डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बारे में बात की। उन्होंने इसे बड़ी तकनीकी सफलता बताया। 

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कामाख्या से हावड़ा के बीच शुरू की गई नई पीढ़ी की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इन दिनों खास चर्चा में है। इसकी गूंज संसद तक सुनाई दी, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए इसे भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि बताया। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा, यह ट्रेन सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि आम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय रेलवे गरीब और मध्यम वर्ग की जीवन रेखा है। अब यह लगभग 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुका है। राष्ट्रपति ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को इसी तेज़ प्रगति का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने दिल्ली से मिजोरम की राजधानी आइजोल तक शुरू हुई सीधी रेल कनेक्टिविटी को पूर्वोत्तर भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि जब पहली बार ट्रेन आइजोल पहुंची, तो वहां लोगों में दिखा उत्साह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में रेलवे की अन्य बड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और तमिलनाडु के पंबन ब्रिज को भारत की मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेन संचालित हो रही हैं, जो नए भारत की तेज, आधुनिक और आत्मनिर्भर तस्वीर को दर्शाती हैं। राष्ट्रपति ने कहा,कुछ दिन पूर्व ही वंदे भारत ट्रेनों की नई पीढ़ी का पदार्पण हुआ है। पश्चिम बंगाल से असम के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत भारत की रेल प्रगति के लिए उपलब्धि है।

दरअसल, हाल ही में शुरू हुई कामाख्या–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क को नई गति दी है। यह ट्रेन न सिर्फ यात्रा का समय घटाती है, बल्कि लंबी दूरी के सफर को ज्यादा आरामदायक और आधुनिक भी बनाती है। स्लीपर कोच, बेहतर सस्पेंशन और विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए खास साबित हो रही है, जो सुविधा के साथ सफर करना चाहते हैं। इस ट्रेन की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहली ही कमर्शियल यात्रा के टिकट कुछ ही घंटों में बिक गए। 19 जनवरी 2026 को टिकट बुकिंग खुलते ही महज 24 घंटे के भीतर सभी श्रेणियों की सीटें पूरी तरह भर गईं।

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