31 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले मोदी सरकार ने 30 जनवरी को संसद के पुस्तकालय भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। वहीं इसके एक दिन बाद यानी 31 जनवरी को एनडीए नेताओं की बैठक होगी। इसी दिन अपनी आगामी रणनीति बनाने के लिए भाजपा संसदीय कार्यकारिणी की बैठक भी होगी।
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने 31 जनवरी से संसद के बजट सत्र की बैठक बुलाई है। बजट सत्र के तीन अप्रैल 2020 तक जारी रहने की संभावना है।
एक फरवरी को पेश होगा बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को केन्द्र सरकार का बजट पेश करेगी और देश की खुशहाली का संकेत देते हुए एक हाथ से जनता को आर्थिक राहत देकर दूसरे हाथ से पैसे निकालेंगी। हालांकि देश के आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बजट से अभी बहुत उम्मीद न की जाए, क्योंकि सरकार के हाथ बहुत तंग हैं। वहीं भाजपा के नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार-2 के सत्ता में आने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह बजट काफी अच्छी सौगातें लेकर आएगा।
राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी शुरुआत
परंपरा के अनुसार हर साल संसद का पहला सत्र राष्ट्रपति संबोधित करते हैं। संसद के केन्द्रीय कक्ष में राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति अपनी सरकार के कामकाज, उसकी दशा-दिशा तथा भावी एजेंडे की रुपरेखा रखते हैं। इस बार भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 31 जनवरी को दिन में 11 बजे संसद के संयुक्त सदन को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति का यह अभिभाषण काफी अहम माना जा रहा है।
सीएए और एनपीआर के विरोध में अहम होगा राष्ट्रपति का अभिभाषण
31 जनवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण काफी अहम होगा। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून-2019 को देश भर में संसद और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया है। इसके साथ-साथ केन्द्र सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (एनपीआर) और जनसंख्या के सांख्यिकीय आंकड़े जुटाने को मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया शुरू हो रही है।