राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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उन्होंने कहा कि मेरी सरकार महिलाओं के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने में, यानी महिला के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास करती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के द्वारा लोक सभा और विधान सभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त किया जा रहा है। देश की 10 करोड़ से भी अधिक महिलाओं को इसके साथ जोड़ा गया है। इन्हें कुल नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंक लिंकेज के माध्यम से वितरित की गई है। हमारी बैंकिंग और डिजी पेमेंट सखियां दूर दराज के इलाकों में लोगों को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कृषि सखियां नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दे रही हैं और पशु सखियों के माध्यम से हमारा पशुधन मजबूत हो रहा है। ड्रोन दीदी योजना महिलाओं के आर्थिक और तकनीकी सशक्तिकरण का माध्यम बनी है। आज हमारा युवा स्टार्टअप्स, स्पोर्ट्स से लेकर स्पेस तक हर फ़ील्ड में देश का नाम रोशन कर रहा है। माय भारत पोर्टल के जरिये लाखों युवा राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जुड़ रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शिक्षा व्यवस्था तैयार कर रही है। कोई भी शिक्षा से वंचित ना रहे, इसीलिए मातृ भाषा में शिक्षा के अवसर दिए जा रहे हैं। विभिन्न भर्ती परीक्षाएं 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित कर, भाषा संबंधी बाधाओं को भी दूर किया गया है।
खेल-जगत के लिए क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारत की टीमों ने चाहे ओलंपिक हो, या फिर पैरालंपिक, हर जगह बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हाल ही में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में भी भारत ने अपना परचम लहराया है। फिट इंडिया मूवमेंट चलाकर हम सशक्त युवाशक्ति का निर्माण कर रहे हैं।
तकनीक के क्षेत्र पर कही बड़ी बात
राष्ट्रपति ने कहा, 'आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत के योगदान को आगे बढ़ाते हुए 'इंडिया एआई मिशन' प्रारम्भ किया गया है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से भारत, इस फ्रंटियर टेक्नॉलाजी में दुनिया के अग्रणी देशों की पंक्ति में स्थान बना सकेगा।'
कोरोना और दुनिया में युद्ध जैसे हालात का जिक्र
उन्होंने कहा, 'कोविड और उसके बाद के हालात एवं युद्ध जैसी वैश्विक चिंताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने जो स्थायित्व एवं लचीलापन दिखाया है, वो उसके सशक्त होने का प्रमाण है। मेरी सरकार ने व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।'
पीएम स्वनिधि योजना और डिजिटल टेक्नॉलाजी का जिक्र
उन्होंने कहा कि दशकों तक हमारे देश के रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले भाई-बहन बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रहे। आज उन्हें पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिल रहा है। डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के आधार पर उनको बिजनेस बढ़ाने के लिए और लोन मिलता है। आज भारत डिजिटल टेक्नॉलाजी की फील्ड में एक प्रमुख ग्लोबल प्लेयर के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। दुनिया के बड़े देशों के साथ ही भारत में 5G सर्विसेस की शुरुआत इसका एक बड़ा उदाहरण है।
साइबर सिक्योरिटी पर आगाह भी किया
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार ने डिजिटल टेक्नॉलाजी को सामाजिक न्याय और समानता के एक टूल के तौर पर इस्तेमाल किया है। डिजिटल पेमेंट कुछ लोगों या कुछ वर्गों तक सीमित नहीं है। भारत में छोटे से छोटा दुकानदार भी इस सुविधा का लाभ उठा रहा है। तेजी से डिजिटाइज होते हमारे समाज में आज राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण विषय साइबर सिक्योरिटी है। डिजिटल फ्रॉड, साइबर-क्राइम और डीप फेक जैसी टेक्नॉलाजी सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती भी बनी है। इन साइबर क्राइम को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं हैं।
रेलवे और मेट्रो नेटवर्क पर बोलीं
उन्होंने कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो गई है और अब देश कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चेनाब ब्रिज का निर्माण हुआ है जो विश्व का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज है। साथ ही आंजी ब्रिज, देश का पहला रेल केबल ब्रिज बना है। भारत का मेट्रो नेटवर्क अब एक हजार किलोमीटर के माइलस्टोन को पार कर चुका है। भारत अब मेट्रो नेटवर्क के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।
U-WIN पोर्टल लॉन्च किया गया
राष्ट्रपति ने कहा, 'गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम की सही ट्रैकिंग रखने के लिए U-WIN पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल पर अब तक लगभग तीस करोड़ वैक्सीन खुराक दर्ज हो चुकी है। टेली मेडिसिन के माध्यम से तीस करोड़ से अधिक ई-टेली-कन्सल्टेशन से नागरिकों को स्वास्थ्य लाभ मिला है।'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था हमारा लक्ष्य
उन्होंने कहा कि भारत में आधुनिक और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था हमारा लक्ष्य है। मेरी सरकार किसानों को फसलों का उचित दाम दिलाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। कुछ सप्ताह पूर्व ही भारत मौसम विज्ञान विभाग के 150 साल पूरे हुए हैं। वेदर रेडी और क्लाइमेट स्मार्ट भारत के लिए मेरी सरकार ने दो हजार करोड़ रुपये की लागत से "मिशन मौसम" प्रारम्भ किया है, जिसका लाभहमारे किसानों को भी मिलेगा।
आर्थिक सशक्तिकरण पर कही यह बात
राष्ट्रपति ने कहा, 'सहकारी सेक्टर के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों के फलस्वरुप रोजगार के अनेक अवसर सृजित हो रहे हैं। वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें भारत अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।' उन्होंने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी हमारे जिस जनजातीय एवं आदिवासी समाज की उपेक्षा होती रही, मेरी सरकार ने उसके कल्याण को पहली प्राथमिकता दी है। 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' और 'पीएम-जनमन योजना' इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। विशेष राष्ट्रीय मिशन चलाकर आदिवासी समुदाय की सिकल सेल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत लगभग पाँच करोड़ व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
अष्टलक्ष्मी महोत्स और पीएम सूरज योजना का जिक्र
उन्होंने कहा कि पूरा देश नॉर्थ ईस्ट के आठ राज्यों की संभावनाओं को देख सके, इस दिशा में पहले अष्टलक्ष्मी महोत्सव का आयोजन किया गया। पूर्वोत्तर के विकास के साथ-साथ सरकार ने देश के पूर्वोदय यानि पूर्वी राज्यों के सर्वांगीण विकास की कार्य-योजना पर काम शुरू कर दिया है जिससे रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। समाज के पिछड़े वर्ग और सफाई कर्मचारियों को आसान लोन मुहैया कराने के लिए पीएम सूरज योजना का विस्तार किया गया है। सरकारी योजनाओं का लाभदिव्यांग जनों तक पहुंचाने के लिए एक करोड़ से अधिक दिव्यांग पहचान पत्र जारी किये गए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी पांडुलिपियां हमारी धरोहर हैं। इनमें विशाल ज्ञान समाहित है जिसका मानव जाति के लाभ के लिए अध्ययन, शोध और उपयोग करने की आवश्यकता है। उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग करके पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन और संरक्षण का कार्य मिशन मोड पर प्रारंभकिया जा रहा है। भारत के विकास के लिए मेरी सरकार ने Reform, Perform और Transform के ऐसे ही तीन मजबूत स्तंभ बनाए हैं। आज ये शब्द पूरी दुनिया में भारत के नए गवर्नेस मॉडल का पर्याय बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। विशेषकर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता में हमें बहुत उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। हम 'मेक इन इंडिया' से 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की ओर बढ़े हैं। इससे देश में रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ देश के सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास भी हमारी रणनीति का अहम हिस्सा है। सीमा क्षेत्र की सड़कें और अटल टनल, सेला टनल, सोनमर्ग टनल जैसे आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से रक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के वातावरण में भारत आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक स्थिरता का स्तम्भ बनकर विश्व के सामने आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। चाहे जी 7 समिट हो, क्वाड, ब्रिक्स, एससीओ हो या जी 20, भारत के सामर्थ्य, नीति और नीयत पर पूरे विश्व ने भरोसा जताया है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पचहत्तर हज़ार करोड़ रुपये की लागत से रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। अभी तक साढ़े सात लाख घरों में रूफटॉप सोलर की स्थापना की जा चुकी है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
राष्ट्रपति ने अंत में कहा, 'आइए, हम एक बार फिर एकता के संकल्प को दोहराएं, और भारत के सपनों को पूरा करने के लिए कटिबद्ध हों! जब हम साथ मिलकर बढ़ेंगे तो हमारी भावी पीढ़ियाँ 2047 में अवश्य विकसित, सशक्त, समर्थ और समृद्ध भारत देखेंगी।'