सरकार ने अंतरिम बजट पेश कर दिया है। बजट पेश होने के बाद सोशल मीडिया में लोग अपने विचार रख रहे हैं। कुछ लोग इस बजट के पक्ष में लिख रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इस बजट का मजाक बना रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह बजट सिर्फ जुमला है। सरकार ने लोकसभा चुनावों को देखते हुए जनता को लॉलीपॉप दिया है। बजट से संबंधित सोशल मीडिया पर जमकर मीम्स वायरल हो रहे हैं।
सुभाष नाम के एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया है कि बजट सुनने के बाद बीमार होने वाले विपक्षियों के इलाज का खर्चा सरकार खुद उठाएगी: पीयूष गोयल
गौरव सिंह सेंगर ने लिखा कि हवन में जब आग तेज हो जाती है, तो पंडित जी एक चुल्लू जल छिड़क कर आग को कम कर देते हैं... बिल्कुल वैसा ही है आज का चचा का #बजट
विनय मिश्रा - जनता ताली पीट रही है और विपक्षी छाती पीट रहे हैं।
नमो अगेन 2019 पेज से लिखा गया है कि ये "मोदी सरकार" बजट पेश कर रही थी या "विपक्षियों" के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक कर रही थी।
सीमा शर्मा- जो हल्ला मचाने की सोच के आया था, वह भी आज चुप हो गया। नरेंद्र मोदी जी के बजट 2019 ने कमाल कर दिया।
अनु यादव- बहक ना जाना, तुम प्रिये (मतदाताओ), इस झूठ के पुलिंदे में।
सलमान जफर- ये बजट अगर “आखरी बजट” के बजाय इस सरकार का “पहला बजट” होता तो वाकई अच्छा था। दुनिया जानती है “चुनावी साल” है। बंदा “जीतने” के लिए “कुछ भी” करेगा।
पूजा भारद्वाज- अंतिम बजट में इतनी अफीम दे दो कि लोग नशे में डूब जायें। जीत गये तो फिर कह देंगे कि चुनावी जुमला था। हार गये तो नई सरकार भुगतेगी।
जमाल जोंशन- मुझे क्या, मैं तो मिडिल क्लास हूं। मेरा दुख में ही जानू, ना जाने कोई सरकार।
राजेश यादव (सत्यार्थ सोशलिस्ट)- कुछ लोग AK-47 की गोलियों की स्पीड से झूठ फेंकते हैं। धाड़ धाड़ धाड़... फिलहाल झूठ बोलने की मशीन इस समय पीयूष गोयल के मुंह मे फिट है।
एडवोकेट शेख बिलाल- 5 साल तक कुछ न करो तो जाते जाते "जुमलों का विस्फोट" करने में कोई बुराई नही है।