वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में चौथा और मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण कालिक बजट पेश कर रहे हैं। चूंकि बजट सरकार का साल भर का लेखा जोखा होता है इसलिए वित्त मंत्री इसे लगातार पढ़ते हैं। शायद उस समय मंत्री जी पर दवाब भी होता है। और इसी वजह से वित्त मंत्री इतने दवाब में आ जाते हैं कि वो एक घंटे भी खड़े नहीं रह पाए और फिर बैठ गए। यह पहली बार नहीं है कि बजट पढ़ने के दौरान अरुण जेटली बैठ गए हों इससे पहले दिए गए बजट भाषण भी उन्होंने बैठ कर ही दिया है।
बता दें कि अरुण जेटली पहले ऐसे वित्त मंत्री हैं जो हर बार बजट पेश करने के दौरान 15-20 मिनट के अंदर ही बैठ जाते हैं। बजट संसद में 1952 से पेश किया जा रहा है लेकिन हर बार वित्त मंत्री खड़े होकर पेश करते आ रहे थे लेकिन जबसे अरुण जेटली ने संसद में बजट पेश किया है हर बार ही वो 20 मिनट के अंदर ही बैठ गए हैं। जबकि इनसे पहले वित्त मंत्री रहे पी चिंदबरम, मनमोहन सिंह और प्रणव मुखर्जी ही नहीं भाजपा सरकार में रहे वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा भी लगातार एक से डेढ घंटे तक खड़े रह कर ही भाषण दिया था।
अरुण जेटली जब पहला भाषण 2015-16 में पढ़ रहे थे तब लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उनसे कहा था कि वह चाहे तो अपना भाषण बैठ कर पढ़ सकते हैं। जेटली ने महाजन का आभार देते हुए पूरा भाषण बैठ कर पढ़ा। बता दें कि 2015 में जेटली अस्वस्थ थे और कुछ देर के लिए उन्हें भाषण रोकना भी पड़ा था। और फिर बाद में उन्होंने बजट भाषण बैठकर ही पढ़ा था। तभी से हर बार जेटली बजट भाषण पढ़ना शुरू तो खड़े होकर ही करते हैं लेकिन 20 से 22 मिनट होते होते ही बैठ जाते हैं।