केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में साहसिक बजट पेश किया। यह बजट के जरिए मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा मिला। एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने कहा कि वित्त मंत्री ने उपभोग आधारित विकास का नेतृत्व करने के लिए मध्यम वर्ग पर भरोसा जताया है। साथ ही एमएसएमई, स्टार्टअप और निवेश पर फोकस है।
संजय नायर ने कहा, "यह मध्यम वर्गीय परिवारों में खपत को बढ़ावा देने वाला साहसिक बजट है। उन्होंने कहा कि उपभोग मांग में बढ़ोतरी से मध्यम अवधि में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे पर्यटन, कपड़ा, हस्तशिल्प, जूते और खिलौने जैसे कई रोजगार को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।" एसोचैम के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि बजट को मध्यम वर्ग के अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि यह आने वाले समय में भारत के विकास के लिए सार्वजनिक व्यय को बढ़ावा देगा।
टैक्स संबंधी घोषणाओं पर संजय नायर ने कहा कि लोगों की 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को टैक्स फ्री करने और टीडीएस/टीसीएस सीमा और स्लैब को तर्कसंगत बनाने से आम नागरिकों को जीवन में और काम करने में भी आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार करदाताओं पर अधिक भरोसा कर रही है। संजय नायर ने बताया कि वित्त मंत्री ने सीमा शुल्क के मुद्दे सो भी संबोधित किया। उन्होंने आवश्यक कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क कम करके इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में मूल्यवर्धित विनिर्माण द्वारा मेक इन इंडिया को भी प्राथमिकता दी।
निर्मला सीतारमण ने पेश किया बजट
बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को रिकॉर्ड आठवां लगातार बजट पेश किया। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मंत्रालय पहुंचीं। वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी साथ थे। सीतारमण वित्त मंत्रालय से राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात वित्त मंत्री ने उन्हें बजट के अहम प्रावधानों और बदलावों की जानकारी दी। यह परंपरा है, जिसमें राष्ट्रपति की मंजूरी ली जाती है। राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री का दही चीनी खिलाकर मुंह मीठा कराया। साथ में नाश्ता भी किया। इसके बाद वह संसद भवन के लिए रवाना हुईं।कैबिनेट से बजट 2025 को मंजूरी मिलने के बाद सीतारमण ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया।
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